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Q: ‘अभिधा उत्तम काव्य है, मध्य लक्षणा लीन, अधम व्यंजना रस विरस, उल्टी कहत नवीन।’ उपर्युक्त किसकी उक्ति है?
  • A. केशवदास
  • B. ब्रजनाथ दास
  • C. भिखारी दास
  • D. देव
Correct Answer: Option D - व्याख्या- उपर्युक्त उक्ति रीतिकालीन आचार्य या कवि देव की है। देव द्वारा रचित काव्य शास्त्रीय काव्य ग्रंथ काव्य रसायन है। कविता में ‘अभिधा’ को महत्व देते हुए यह पंक्ति काव्य रसायन से लिये हैं। इनके द्वारा रचित अन्य ग्रथ हैं- भावविलास, भवानी विलास, रस विलास, अष्टायाम इत्यादि।
D. व्याख्या- उपर्युक्त उक्ति रीतिकालीन आचार्य या कवि देव की है। देव द्वारा रचित काव्य शास्त्रीय काव्य ग्रंथ काव्य रसायन है। कविता में ‘अभिधा’ को महत्व देते हुए यह पंक्ति काव्य रसायन से लिये हैं। इनके द्वारा रचित अन्य ग्रथ हैं- भावविलास, भवानी विलास, रस विलास, अष्टायाम इत्यादि।

Explanations:

व्याख्या- उपर्युक्त उक्ति रीतिकालीन आचार्य या कवि देव की है। देव द्वारा रचित काव्य शास्त्रीय काव्य ग्रंथ काव्य रसायन है। कविता में ‘अभिधा’ को महत्व देते हुए यह पंक्ति काव्य रसायन से लिये हैं। इनके द्वारा रचित अन्य ग्रथ हैं- भावविलास, भवानी विलास, रस विलास, अष्टायाम इत्यादि।