Correct Answer:
Option B - अभिज्ञानशाकुन्तलस्य नान्दीपाठे वर्णिताऽऽद्या सृष्टिरस्ति जलम्। अभिज्ञानशाकुन्तलम् के नान्दी पाठ में वर्णित आद्या सृष्टि से तात्पर्य जल से है। यथा–
‘‘या सृष्टि: सृष्टुराद्या वहति विधिहुतं या हविर्या च होत्री।’’
B. अभिज्ञानशाकुन्तलस्य नान्दीपाठे वर्णिताऽऽद्या सृष्टिरस्ति जलम्। अभिज्ञानशाकुन्तलम् के नान्दी पाठ में वर्णित आद्या सृष्टि से तात्पर्य जल से है। यथा–
‘‘या सृष्टि: सृष्टुराद्या वहति विधिहुतं या हविर्या च होत्री।’’
Explanations:
अभिज्ञानशाकुन्तलस्य नान्दीपाठे वर्णिताऽऽद्या सृष्टिरस्ति जलम्। अभिज्ञानशाकुन्तलम् के नान्दी पाठ में वर्णित आद्या सृष्टि से तात्पर्य जल से है। यथा–
‘‘या सृष्टि: सृष्टुराद्या वहति विधिहुतं या हविर्या च होत्री।’’
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