Correct Answer:
Option B - आर्द्र , ताप व दबाव में ऊनी तन्तु सिकुड़ जाते है और आपस में जुड़ जाते है इसे फैल्टिंग (Felting) कहा जाता है। ऊन के नन्हे-नन्हें रेशो को आपस में उलझाकर जोड़कर ताप से प्रभावित करके तथा दबाव डालकर जमा दिया जाता है जिसे नमदा (Felting) कहते है। इस विधि द्वारा केवल ऊनी रेशों से ही कम्बल, पटू, नमदा आदि बनाये जाते है। इस विधि द्वारा वस्त्र निर्माण कार्य सीमित है। कभी-कभी अन्नानास के पत्तों से भी नमदा बनाया जाता है। इसे इंटर लॉकिंग भी कहते है तथा इनसे बने वस्त्र को फेल्ट वस्त्र कहते है।
B. आर्द्र , ताप व दबाव में ऊनी तन्तु सिकुड़ जाते है और आपस में जुड़ जाते है इसे फैल्टिंग (Felting) कहा जाता है। ऊन के नन्हे-नन्हें रेशो को आपस में उलझाकर जोड़कर ताप से प्रभावित करके तथा दबाव डालकर जमा दिया जाता है जिसे नमदा (Felting) कहते है। इस विधि द्वारा केवल ऊनी रेशों से ही कम्बल, पटू, नमदा आदि बनाये जाते है। इस विधि द्वारा वस्त्र निर्माण कार्य सीमित है। कभी-कभी अन्नानास के पत्तों से भी नमदा बनाया जाता है। इसे इंटर लॉकिंग भी कहते है तथा इनसे बने वस्त्र को फेल्ट वस्त्र कहते है।