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Q: आर.एन. टैगोर के चित्रों की प्रथम प्रदर्शनी 1930 में हुई─
  • A. पेरिस में
  • B. जापान में
  • C. मुम्बई में
  • D. कोलकाता में
Correct Answer: Option A - रवीन्द्र नाथ टैगोर का जन्म जोरासांको (कोलकाता में) सन् 1861 ई. में हुआ था। आयु के 67वें साल से उन्होंने चित्रकारी में ध्यान दिया। 1926 ई. के करीब उन्होंने कपड़े के टुकड़े या अंगुलियों को स्याही में डुबोकर चित्रण शुरू किया व बाद में सीमित रंगों का उपयोग किया। सन् 1930 ई. में उनकी चित्रकला के चित्रों की प्रथम प्रदर्शनी पेरिस की गैलरी, `पिगाल' में हुई। जिसकी यूरोपीय प्रशंसकों व कला समीक्षकों ने प्रशंसा की।
A. रवीन्द्र नाथ टैगोर का जन्म जोरासांको (कोलकाता में) सन् 1861 ई. में हुआ था। आयु के 67वें साल से उन्होंने चित्रकारी में ध्यान दिया। 1926 ई. के करीब उन्होंने कपड़े के टुकड़े या अंगुलियों को स्याही में डुबोकर चित्रण शुरू किया व बाद में सीमित रंगों का उपयोग किया। सन् 1930 ई. में उनकी चित्रकला के चित्रों की प्रथम प्रदर्शनी पेरिस की गैलरी, `पिगाल' में हुई। जिसकी यूरोपीय प्रशंसकों व कला समीक्षकों ने प्रशंसा की।

Explanations:

रवीन्द्र नाथ टैगोर का जन्म जोरासांको (कोलकाता में) सन् 1861 ई. में हुआ था। आयु के 67वें साल से उन्होंने चित्रकारी में ध्यान दिया। 1926 ई. के करीब उन्होंने कपड़े के टुकड़े या अंगुलियों को स्याही में डुबोकर चित्रण शुरू किया व बाद में सीमित रंगों का उपयोग किया। सन् 1930 ई. में उनकी चित्रकला के चित्रों की प्रथम प्रदर्शनी पेरिस की गैलरी, `पिगाल' में हुई। जिसकी यूरोपीय प्रशंसकों व कला समीक्षकों ने प्रशंसा की।