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Q: आल्हा और ऊदल नामक दो वीर सरदारों की वीरतापूर्ण लड़ाइयों का वर्णन मिलता है–
  • A. परमाल रासो में
  • B. पृथ्वीराज रासो में
  • C. घूमान रासो में
  • D. हम्मीर रासो में
Correct Answer: Option A - परमाल रासो (1230 ई.) या `आल्हखण्ड' की रचना जगनिक ने की है। इसमें आल्हा और ऊदल नामक दो वीर सरदारों की वीरतापूर्ण लड़ाई का वर्णन किया है। यह वीरगीत काव्य है। `आल्हखण्ड' को सर्वप्रथम सन् 1865 ई. में फर्रूखाबाद के तत्कालीन जिलाधीश `चार्ल्स इलियट' ने प्रकाशित करवाया था। आल्ह खण्ड बरसात ऋतु में उत्तर प्रदेश के बैंसवाड़ा, पूर्वांचल और बुन्देलखण्ड क्षेत्र में गाया जाता है।
A. परमाल रासो (1230 ई.) या `आल्हखण्ड' की रचना जगनिक ने की है। इसमें आल्हा और ऊदल नामक दो वीर सरदारों की वीरतापूर्ण लड़ाई का वर्णन किया है। यह वीरगीत काव्य है। `आल्हखण्ड' को सर्वप्रथम सन् 1865 ई. में फर्रूखाबाद के तत्कालीन जिलाधीश `चार्ल्स इलियट' ने प्रकाशित करवाया था। आल्ह खण्ड बरसात ऋतु में उत्तर प्रदेश के बैंसवाड़ा, पूर्वांचल और बुन्देलखण्ड क्षेत्र में गाया जाता है।

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परमाल रासो (1230 ई.) या `आल्हखण्ड' की रचना जगनिक ने की है। इसमें आल्हा और ऊदल नामक दो वीर सरदारों की वीरतापूर्ण लड़ाई का वर्णन किया है। यह वीरगीत काव्य है। `आल्हखण्ड' को सर्वप्रथम सन् 1865 ई. में फर्रूखाबाद के तत्कालीन जिलाधीश `चार्ल्स इलियट' ने प्रकाशित करवाया था। आल्ह खण्ड बरसात ऋतु में उत्तर प्रदेश के बैंसवाड़ा, पूर्वांचल और बुन्देलखण्ड क्षेत्र में गाया जाता है।