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Q: आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी किस धारा के उपन्यासकार हैं
  • A. सांस्कृतिक मिथकीय
  • B. सामाजिक-सांस्कृतिक
  • C. प्रयोगवादी
  • D. प्रगतिवादी
Correct Answer: Option A - आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ‘सांस्कृतिक मिथकीय’ धारा के उपन्यासकार थे। इनके उपन्यास हैं- बाणभट्ट की आत्मकथा (1946), चारू चंद्रलेख (1963), पुनर्नवा (1973) अनामदास का पोथा (1976)।
A. आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ‘सांस्कृतिक मिथकीय’ धारा के उपन्यासकार थे। इनके उपन्यास हैं- बाणभट्ट की आत्मकथा (1946), चारू चंद्रलेख (1963), पुनर्नवा (1973) अनामदास का पोथा (1976)।

Explanations:

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ‘सांस्कृतिक मिथकीय’ धारा के उपन्यासकार थे। इनके उपन्यास हैं- बाणभट्ट की आत्मकथा (1946), चारू चंद्रलेख (1963), पुनर्नवा (1973) अनामदास का पोथा (1976)।