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Q: आचार्य भरत मुनि ने गुणों की संख्या कितनी मानी है?
  • A. सात
  • B. दस
  • C. तेरह
  • D. अठारह
Correct Answer: Option B - आचार्य भरतमुनि ने गुणों की संख्या दस (10) मानी है। ये दस गुण हैं– 1. श्लेष 2. प्रसाद 3. समता 4. समाधि 5. माधुर्य 6. ओज 7. पद-सौकुमार्य 8. अर्थव्यक्ति 9. उदारता 10. कांति। दण्डी ने भी गुणों की संख्या 10 मानी है। वामन ने 10 शब्द गुण एवं 10 अर्थ गुण मानी है। भोज ने 24 गुणों का वर्णन किया है। मम्मट एवं आनन्दवर्धन ने तीन गुणों की चर्चा की है।
B. आचार्य भरतमुनि ने गुणों की संख्या दस (10) मानी है। ये दस गुण हैं– 1. श्लेष 2. प्रसाद 3. समता 4. समाधि 5. माधुर्य 6. ओज 7. पद-सौकुमार्य 8. अर्थव्यक्ति 9. उदारता 10. कांति। दण्डी ने भी गुणों की संख्या 10 मानी है। वामन ने 10 शब्द गुण एवं 10 अर्थ गुण मानी है। भोज ने 24 गुणों का वर्णन किया है। मम्मट एवं आनन्दवर्धन ने तीन गुणों की चर्चा की है।

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आचार्य भरतमुनि ने गुणों की संख्या दस (10) मानी है। ये दस गुण हैं– 1. श्लेष 2. प्रसाद 3. समता 4. समाधि 5. माधुर्य 6. ओज 7. पद-सौकुमार्य 8. अर्थव्यक्ति 9. उदारता 10. कांति। दण्डी ने भी गुणों की संख्या 10 मानी है। वामन ने 10 शब्द गुण एवं 10 अर्थ गुण मानी है। भोज ने 24 गुणों का वर्णन किया है। मम्मट एवं आनन्दवर्धन ने तीन गुणों की चर्चा की है।