Correct Answer:
Option C - पराग कण से नीचे की ओर एक नली जैसी संरचना वर्तिका तक जाती है, और फिर बीजाण्ड तक पहुँचती है, जिसे परागनली कहते हैं। परागनली वर्तिकाग्र से अंडाशय की ओर बढ़ती है। परागनली के जरिए परागकण, अंडाशय में स्थित मादा युग्मक तक पहुँचता है। इस प्रक्रिया को निषेचन कहते हैं।
C. पराग कण से नीचे की ओर एक नली जैसी संरचना वर्तिका तक जाती है, और फिर बीजाण्ड तक पहुँचती है, जिसे परागनली कहते हैं। परागनली वर्तिकाग्र से अंडाशय की ओर बढ़ती है। परागनली के जरिए परागकण, अंडाशय में स्थित मादा युग्मक तक पहुँचता है। इस प्रक्रिया को निषेचन कहते हैं।