Correct Answer:
Option A - चाहे उत्पादन हो अथवा वितरण, मूल्य वृद्धि के हर स्पर पर लगाया जाने वाला कर मूल्य वर्धित कर के रूप में जाना जाता है।
⇒ यदि कोई व्यक्ति किसी वस्तु और सेवा आपूर्ति कर का वार्षिक टर्नओवर पाँच लाख होता है तो उसे मूल्य वर्धित कर भरने हेतु पंजीकरण करना अनिवार्य होता है।
⇒ मूल्य वर्धित कर भारत में 1 अप्रैल 2005 को लागू किया गया था।
मूल्य वर्धित कर का महत्व
⇒ मूल्य वर्धित कर से, कर की चोरी की सम्भावना बहुत कम हो जाती है।
A. चाहे उत्पादन हो अथवा वितरण, मूल्य वृद्धि के हर स्पर पर लगाया जाने वाला कर मूल्य वर्धित कर के रूप में जाना जाता है।
⇒ यदि कोई व्यक्ति किसी वस्तु और सेवा आपूर्ति कर का वार्षिक टर्नओवर पाँच लाख होता है तो उसे मूल्य वर्धित कर भरने हेतु पंजीकरण करना अनिवार्य होता है।
⇒ मूल्य वर्धित कर भारत में 1 अप्रैल 2005 को लागू किया गया था।
मूल्य वर्धित कर का महत्व
⇒ मूल्य वर्धित कर से, कर की चोरी की सम्भावना बहुत कम हो जाती है।