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Q: A systematic approach for maintenance is: रख-रखाव के लिये एक व्यवस्थित दृष्टिकोण है?
  • A. Problem – Cause – Diagnosis – Rectification/समस्या-कारण-निदान-सुधार
  • B. Problem – Diagnosis – Cause – Rectification/समस्या-निदान-कारण-सुधार
  • C. Problem – Measure – Diagnosis – Rectification/समस्या-उपाय निदान-सुधार
  • D. Problem – Diagnosis – Measure – Rectification/समस्या-निदान-उपाय-सुधार
Correct Answer: Option A - रख-रखाव (Maintenance)- ∎ मशीनरी के अनुरक्षण का अर्थ है खराब होने की स्थिति में उसका रख-रखाव और मरम्मत। ∎ इसमें क्षतिग्रस्त भागों का नवीनीकरण और प्रतिस्थापन भी शामिल है। रखरखाव के लिये व्यवस्थित दृष्टिकोण निम्न है– समस्या-कारण-निदान-सुधार समस्या (Problem)– एक ऐसी चीज है जिसे हल किया जाना है या एक अप्रिय या अवांछनीय स्थिति है जिसे ठीक करने की आवश्यकता है। रख-रखाव की शपथ में यह पहला चरण है। निदान (Diagnosis)– कम्पनी मूल्यांकन की एक पद्धति है जो प्रबंधन के मुख्य क्षेत्रों के गहन विश्लेषण की अनुमति देता है। संगठन की गहरी समझ के साथ समस्याओं को व्यवहारिक रूप से हल करना संभव है।
A. रख-रखाव (Maintenance)- ∎ मशीनरी के अनुरक्षण का अर्थ है खराब होने की स्थिति में उसका रख-रखाव और मरम्मत। ∎ इसमें क्षतिग्रस्त भागों का नवीनीकरण और प्रतिस्थापन भी शामिल है। रखरखाव के लिये व्यवस्थित दृष्टिकोण निम्न है– समस्या-कारण-निदान-सुधार समस्या (Problem)– एक ऐसी चीज है जिसे हल किया जाना है या एक अप्रिय या अवांछनीय स्थिति है जिसे ठीक करने की आवश्यकता है। रख-रखाव की शपथ में यह पहला चरण है। निदान (Diagnosis)– कम्पनी मूल्यांकन की एक पद्धति है जो प्रबंधन के मुख्य क्षेत्रों के गहन विश्लेषण की अनुमति देता है। संगठन की गहरी समझ के साथ समस्याओं को व्यवहारिक रूप से हल करना संभव है।

Explanations:

रख-रखाव (Maintenance)- ∎ मशीनरी के अनुरक्षण का अर्थ है खराब होने की स्थिति में उसका रख-रखाव और मरम्मत। ∎ इसमें क्षतिग्रस्त भागों का नवीनीकरण और प्रतिस्थापन भी शामिल है। रखरखाव के लिये व्यवस्थित दृष्टिकोण निम्न है– समस्या-कारण-निदान-सुधार समस्या (Problem)– एक ऐसी चीज है जिसे हल किया जाना है या एक अप्रिय या अवांछनीय स्थिति है जिसे ठीक करने की आवश्यकता है। रख-रखाव की शपथ में यह पहला चरण है। निदान (Diagnosis)– कम्पनी मूल्यांकन की एक पद्धति है जो प्रबंधन के मुख्य क्षेत्रों के गहन विश्लेषण की अनुमति देता है। संगठन की गहरी समझ के साथ समस्याओं को व्यवहारिक रूप से हल करना संभव है।