Correct Answer:
Option D - वे डिजिटल परिपथ, जिनके निवेशी तथा निर्गत सिग्नलों के बीच एक तर्कपूर्ण सम्बन्ध होता है लॉजिक गेट कहलाते हैं। लॉजिक गेट मूलत: तीन प्रकार के होते हैं–
(i) OR गेट
(ii) AND गेट
(iii) NOT गेट
NOT गेट को एक ट्रांजिस्टर की सहायता से परिपथ तैयार करके प्राप्त कर सकते हैं। NOT गेट एक ऐसी युक्ति है जिसमें एक निवेशी सिग्नल तथा एक निर्गत सिग्नल होता है। NOT आपरेशन को उत्क्रमण (inversion) अथवा ऋण क्रमण (negation) भी कहते हैं।
एकल ट्रांजिस्टर का प्रयोग NOT logic gate की तरह किया जाता है। NOT gate की दो अवस्था 1 व 0 होती है अर्थात् ON और OFF switch की तरह। ट्रांजिस्टर अग्रअभिनति पर सक्रिय क्षेत्र में ON switch तथा पश्च अभिनति पर कट ऑफ क्षेत्र में OFF switch की तरह कार्य करता है।
D. वे डिजिटल परिपथ, जिनके निवेशी तथा निर्गत सिग्नलों के बीच एक तर्कपूर्ण सम्बन्ध होता है लॉजिक गेट कहलाते हैं। लॉजिक गेट मूलत: तीन प्रकार के होते हैं–
(i) OR गेट
(ii) AND गेट
(iii) NOT गेट
NOT गेट को एक ट्रांजिस्टर की सहायता से परिपथ तैयार करके प्राप्त कर सकते हैं। NOT गेट एक ऐसी युक्ति है जिसमें एक निवेशी सिग्नल तथा एक निर्गत सिग्नल होता है। NOT आपरेशन को उत्क्रमण (inversion) अथवा ऋण क्रमण (negation) भी कहते हैं।
एकल ट्रांजिस्टर का प्रयोग NOT logic gate की तरह किया जाता है। NOT gate की दो अवस्था 1 व 0 होती है अर्थात् ON और OFF switch की तरह। ट्रांजिस्टर अग्रअभिनति पर सक्रिय क्षेत्र में ON switch तथा पश्च अभिनति पर कट ऑफ क्षेत्र में OFF switch की तरह कार्य करता है।