Correct Answer:
Option C - तरलदाबमापी (Manometer):–
ये वे दाबमापक युक्तियां हैं, जिसके द्वारा मापे जाने वाले तरल दाब को उसी तरल या किसी अन्य उपयुक्त तरल के स्तम्भ द्वारा संतुलित करके तरल दाब मापा जाता है।
तरलदाबमापी के लाभ–
(i) निर्माण में आसान और अपेक्षाकृत सस्ता
(ii) अच्छी परिशुद्धता
(iii) उच्च संवेदनशीलता
(iv) कम रखरखाव की आवश्यकता
(v) कम्पन से अप्रभावित
तरलदाबमापी की सीमायें–
(i) आमतौर पर भारी और आकार में बड़ा होता है।
(ii) नाजुक होने के कारण जल्दी टूट जाते हैं।
(iii) तरलदाबमापी का पाठ्यांक तापमान, उचाई और गुरूत्वाकर्षण में परिवर्तन से प्रभावित होता है।
(iv) समतलीकरण की आवश्यकता पड़ती है।
C. तरलदाबमापी (Manometer):–
ये वे दाबमापक युक्तियां हैं, जिसके द्वारा मापे जाने वाले तरल दाब को उसी तरल या किसी अन्य उपयुक्त तरल के स्तम्भ द्वारा संतुलित करके तरल दाब मापा जाता है।
तरलदाबमापी के लाभ–
(i) निर्माण में आसान और अपेक्षाकृत सस्ता
(ii) अच्छी परिशुद्धता
(iii) उच्च संवेदनशीलता
(iv) कम रखरखाव की आवश्यकता
(v) कम्पन से अप्रभावित
तरलदाबमापी की सीमायें–
(i) आमतौर पर भारी और आकार में बड़ा होता है।
(ii) नाजुक होने के कारण जल्दी टूट जाते हैं।
(iii) तरलदाबमापी का पाठ्यांक तापमान, उचाई और गुरूत्वाकर्षण में परिवर्तन से प्रभावित होता है।
(iv) समतलीकरण की आवश्यकता पड़ती है।