Correct Answer:
Option C - जब धरन खण्ड की गहराई अनुबंधित हो व धरन को विक्षेप होने से रोकने की स्थिति में तथा धरन में मरोड़ आघूर्ण कम करना होता है, तो दोहरी प्रबलित धरन दिया जाता है। धरन खण्ड में प्रघात (Shock) उत्केन्द्र भार (eccentric load) पार्श्व प्रणोद (Lateral thrust) इत्यादि की स्थिति में भी दोहरे प्रबलित धरन खण्ड का निर्माण किया जाता है।
C. जब धरन खण्ड की गहराई अनुबंधित हो व धरन को विक्षेप होने से रोकने की स्थिति में तथा धरन में मरोड़ आघूर्ण कम करना होता है, तो दोहरी प्रबलित धरन दिया जाता है। धरन खण्ड में प्रघात (Shock) उत्केन्द्र भार (eccentric load) पार्श्व प्रणोद (Lateral thrust) इत्यादि की स्थिति में भी दोहरे प्रबलित धरन खण्ड का निर्माण किया जाता है।