Correct Answer:
Option A - ∎ प्राथमिक संदलन में, खदानों से पत्थर निकालकर मोटे-मोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है। इनके लिए जबड़ा संदलक(Jaw Crusher) संघट्ट संदलक (Impact Crusher) परिभ्रमी संदलक (Gyratory Crusher), घन चक्की (Hammer mill) का प्रयोग किया जाता है।
∎ द्वितीयक संदलन में बेलन संदलक(Roll Crusher) शंकु संदलक
(Cone Crusher), घन चक्की (Hammer Mill) का प्रयोग किया जाता है।
∎ तृतीयक संदलन में गुलिका चक्की (Ball Mill), बेलन चक्की
(Roll Mill) व छड़ चक्की (Rod Mill) का प्रयोग करते है।
अत: घन चक्की (Hammer mill)का प्रयोग प्राथमिक या द्वितीयक संदलक के रूप में कर सकते हैं।
A. ∎ प्राथमिक संदलन में, खदानों से पत्थर निकालकर मोटे-मोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है। इनके लिए जबड़ा संदलक(Jaw Crusher) संघट्ट संदलक (Impact Crusher) परिभ्रमी संदलक (Gyratory Crusher), घन चक्की (Hammer mill) का प्रयोग किया जाता है।
∎ द्वितीयक संदलन में बेलन संदलक(Roll Crusher) शंकु संदलक
(Cone Crusher), घन चक्की (Hammer Mill) का प्रयोग किया जाता है।
∎ तृतीयक संदलन में गुलिका चक्की (Ball Mill), बेलन चक्की
(Roll Mill) व छड़ चक्की (Rod Mill) का प्रयोग करते है।
अत: घन चक्की (Hammer mill)का प्रयोग प्राथमिक या द्वितीयक संदलक के रूप में कर सकते हैं।