Correct Answer:
Option D - अब्राहम के नियम के अनुसार पूर्ण संघनन के लिए और एक निश्चित आयु और सामान्य तापमान पर कंक्रीट की सामर्थ्य को जल सीमेंट अनुपात के व्युत्क्रमानुपाती माना जा सकता है।
कंक्रीट डिजाइन में कम जल-सीमेंट अनुपात के साथ मिश्रण करने से कंक्रीट की संपीडन सामर्थ्य बढ़ जाती है।
मोटे मिलावे का सतही क्षेत्रफल कम होता है, इसलिए इससे जल की मांग कम हो जाती है और दिए गए जल सीमेंट अनुपात पर सुकार्यता बढ़ जाती है।
D. अब्राहम के नियम के अनुसार पूर्ण संघनन के लिए और एक निश्चित आयु और सामान्य तापमान पर कंक्रीट की सामर्थ्य को जल सीमेंट अनुपात के व्युत्क्रमानुपाती माना जा सकता है।
कंक्रीट डिजाइन में कम जल-सीमेंट अनुपात के साथ मिश्रण करने से कंक्रीट की संपीडन सामर्थ्य बढ़ जाती है।
मोटे मिलावे का सतही क्षेत्रफल कम होता है, इसलिए इससे जल की मांग कम हो जाती है और दिए गए जल सीमेंट अनुपात पर सुकार्यता बढ़ जाती है।