Correct Answer:
Option C - फेसिंग चाल (Facing Bond) - इस चाल में हेडिंग और स्ट्रेचिंग रद्दे इस प्रकार व्यवस्थित किये गये है कि एक हेडिंग कई स्ट्रेचिंग के बाद आता है फेसिंग चाल कहते हैं।
■ तिर्यक चाल (Raking Bond) - तिर्यक चाल में दीवार के सामने की तथा पिछली ईंटों के बीच की ईंटे 0º to 90º के कोण पर लगाने के बजाय किसी अन्य कोण पर लगाई जाती है इससे सभी उर्ध्वाधर जोड़ छिन्न-भिन्न हो जाते हैं और दीवार की सामर्थ्य बढ़ जाती है।
C. फेसिंग चाल (Facing Bond) - इस चाल में हेडिंग और स्ट्रेचिंग रद्दे इस प्रकार व्यवस्थित किये गये है कि एक हेडिंग कई स्ट्रेचिंग के बाद आता है फेसिंग चाल कहते हैं।
■ तिर्यक चाल (Raking Bond) - तिर्यक चाल में दीवार के सामने की तथा पिछली ईंटों के बीच की ईंटे 0º to 90º के कोण पर लगाने के बजाय किसी अन्य कोण पर लगाई जाती है इससे सभी उर्ध्वाधर जोड़ छिन्न-भिन्न हो जाते हैं और दीवार की सामर्थ्य बढ़ जाती है।