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Q: Which of the following types of foundation is best suited in an expansive type of soil?
  • A. Timber piles/प्रकाष्ठ पाइल
  • B. Shallow foundation/उथली नींव
  • C. Steel piles/स्टील पाइल
  • D. Under reamed piles/अण्डर रीम्ड पाइल
Correct Answer: Option D - अण्डररीम्ड पाइल (Under Reamed Piles)– अण्डररीम्ड पाइल काली कपासी मृदाओं के लिये विशेष रूप से उपयुक्त है। इन पाइलों को लम्बाई में कई स्थानों पर खण्ड से बड़ा बनाया जाता है। बड़े खण्डों के बाहर निकलने वाले भाग को बल्ब कहते हैं। बल्बों के कारण इन पाइलों की धारण क्षमता अधिक होती है। प्रकाष्ठ पाइल (Timber Pile)– भवन निर्माण कार्यों में ये पाइलें पूर्व ऐतिहासिक काल से प्रयोग होती आ रही है। इन पाइलों का व्यास 15 सेमी से 50 सेमी तक होता है। काष्ठ पाइल के निचले सिरे पर ढलवॉ लोहे का पाद लगाया जाता है जिससे पाइल को गाड़ने में सुविधा रहती है। इस्पात पाइल (Steel Pile)– इस्पात पाइलें काफी महंगी होती है। इन्हें केवल धारक पाइलों के रूप में ही प्रयोग किया जाता है क्योंकि खण्ड छोटा होने के कारण घर्षण से अधिक भार नहीं ले सकती है।
D. अण्डररीम्ड पाइल (Under Reamed Piles)– अण्डररीम्ड पाइल काली कपासी मृदाओं के लिये विशेष रूप से उपयुक्त है। इन पाइलों को लम्बाई में कई स्थानों पर खण्ड से बड़ा बनाया जाता है। बड़े खण्डों के बाहर निकलने वाले भाग को बल्ब कहते हैं। बल्बों के कारण इन पाइलों की धारण क्षमता अधिक होती है। प्रकाष्ठ पाइल (Timber Pile)– भवन निर्माण कार्यों में ये पाइलें पूर्व ऐतिहासिक काल से प्रयोग होती आ रही है। इन पाइलों का व्यास 15 सेमी से 50 सेमी तक होता है। काष्ठ पाइल के निचले सिरे पर ढलवॉ लोहे का पाद लगाया जाता है जिससे पाइल को गाड़ने में सुविधा रहती है। इस्पात पाइल (Steel Pile)– इस्पात पाइलें काफी महंगी होती है। इन्हें केवल धारक पाइलों के रूप में ही प्रयोग किया जाता है क्योंकि खण्ड छोटा होने के कारण घर्षण से अधिक भार नहीं ले सकती है।

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अण्डररीम्ड पाइल (Under Reamed Piles)– अण्डररीम्ड पाइल काली कपासी मृदाओं के लिये विशेष रूप से उपयुक्त है। इन पाइलों को लम्बाई में कई स्थानों पर खण्ड से बड़ा बनाया जाता है। बड़े खण्डों के बाहर निकलने वाले भाग को बल्ब कहते हैं। बल्बों के कारण इन पाइलों की धारण क्षमता अधिक होती है। प्रकाष्ठ पाइल (Timber Pile)– भवन निर्माण कार्यों में ये पाइलें पूर्व ऐतिहासिक काल से प्रयोग होती आ रही है। इन पाइलों का व्यास 15 सेमी से 50 सेमी तक होता है। काष्ठ पाइल के निचले सिरे पर ढलवॉ लोहे का पाद लगाया जाता है जिससे पाइल को गाड़ने में सुविधा रहती है। इस्पात पाइल (Steel Pile)– इस्पात पाइलें काफी महंगी होती है। इन्हें केवल धारक पाइलों के रूप में ही प्रयोग किया जाता है क्योंकि खण्ड छोटा होने के कारण घर्षण से अधिक भार नहीं ले सकती है।