Correct Answer:
Option A - 9 वर्ष का बालक पियाजे के अनुसार मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में होता है। इस अवस्था में बालक मूर्त वस्तुओं के सम्बन्ध में विभिन्न प्रकार की तार्विâक संक्रियाएँ करने लगता है। अब वह किसी कार्य के भौतिक परिणाम के आधार पर उसकी अच्छाई या बुराई का निर्धारण करने लगता है।
A. 9 वर्ष का बालक पियाजे के अनुसार मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में होता है। इस अवस्था में बालक मूर्त वस्तुओं के सम्बन्ध में विभिन्न प्रकार की तार्विâक संक्रियाएँ करने लगता है। अब वह किसी कार्य के भौतिक परिणाम के आधार पर उसकी अच्छाई या बुराई का निर्धारण करने लगता है।