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Q: (70-75): निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकलप को चुनिए। पंखों से रे, फैले फैले ताड़ों के दल, लंबी-लंबी अँगुलियाँ हैं चौड़े करतल। तड़-तड़ पड़ती धार वारि की उन पर चंचल, टप-टप झरतीं कर मुख से जल बूँदें झलमल। नाच रहे पागल हो ताली दे दे चल-दल, झूम-झूम सिर नीम हिलातीं सुख से विह्वल। हरसिंगार झरते, बेला कलि बढ़ती पल पल, हँसमुख हरियाली में खग कुल गाते मंगल? कविता में ‘वारि’ से तात्पर्य है-
  • A. बारिश
  • B. तलवार
  • C. खड्ग
  • D. जल
Correct Answer: Option D - उपर्युक्त पद्यांश में वारि का तात्पर्य जल से है। वारि जल का पर्यायवाची शब्द है। इसके अन्य पर्याय हैं– पानी, अंबु, तोय, नीर, उदक, सलिल आदि। तलवार का पर्यायवाची है– शमशीर, खड्ग, चन्द्रहास, कृपाण, असि आदि।
D. उपर्युक्त पद्यांश में वारि का तात्पर्य जल से है। वारि जल का पर्यायवाची शब्द है। इसके अन्य पर्याय हैं– पानी, अंबु, तोय, नीर, उदक, सलिल आदि। तलवार का पर्यायवाची है– शमशीर, खड्ग, चन्द्रहास, कृपाण, असि आदि।

Explanations:

उपर्युक्त पद्यांश में वारि का तात्पर्य जल से है। वारि जल का पर्यायवाची शब्द है। इसके अन्य पर्याय हैं– पानी, अंबु, तोय, नीर, उदक, सलिल आदि। तलवार का पर्यायवाची है– शमशीर, खड्ग, चन्द्रहास, कृपाण, असि आदि।