Correct Answer:
Option B - 6 या 7 वर्ष का बालक दूसरो के विचारों को स्वीकार करने के योग्य नहीं होता क्योंकि वह अहम् केन्द्रित होता है। शैशवावस्था के लक्षण अभी भी उसमें विद्यमान रहते हैं वह कोई प्रश्न पूछने पर उदासीनतापूर्वक ‘हाँ’ और ‘नहीं’ में उत्तर देता है।
B. 6 या 7 वर्ष का बालक दूसरो के विचारों को स्वीकार करने के योग्य नहीं होता क्योंकि वह अहम् केन्द्रित होता है। शैशवावस्था के लक्षण अभी भी उसमें विद्यमान रहते हैं वह कोई प्रश्न पूछने पर उदासीनतापूर्वक ‘हाँ’ और ‘नहीं’ में उत्तर देता है।