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Q: 1942 के क्रिप्स प्रस्तावों के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान-निर्मात्री सभा में भारतीय राज्यों की सहभागिता हेतु उपबन्ध किए जाने थे 2. ब्रिटिश सरकार ने संविधान को स्वीकार करने तथा लागू करने की जिम्मेदारी ली। 3. संविधान को स्वीकार करने के सम्बन्ध में ब्रिटिश भारत के सभी प्रान्तों को एक प्रतिज्ञा-पत्र देना था 4. चल रहे विश्व युद्ध में ब्रिटिश भारत का कोई भी संसाधन प्रयुक्त नहीं किया जाएगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा सही है/हैं
  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2
  • C. 1, 2 और 4
  • D. 1, 3 और 4
Correct Answer: Option A - मार्च 1942 के क्रिप्स प्रस्ताव के प्रावधान निम्न थे– (1) युद्ध के पश्चात् संविधान निर्माण हेतु एक संविधान निर्मात्री सभा का गठन किया जायेगा। जिसमें ब्रिटिश प्रांतों के चुने हुये प्रतिनिधि तथा देशी रियासतों के प्रतिनिधि शामिल होगें। (2) डोमिनियन (उपनिवेश) राज्य के दर्जे के साथ एक भारतीय संघ की स्थापना की जायेगी। संघ को राष्ट्रकुल से भी अलग होने का अधिकार होगा। (3) संविधान निर्मात्री सभा द्वारा तैयार किये गये संविधान को सरकार दो शर्तों पर ही लागू कर सकेगी- (i) जिन भारतीय राज्यों (प्रान्तों) को संविधान स्वीकार नहीं है, वे भारतीय संघ से पृथक होने के अधिकारी होगें एवं अपना पृथक संविधान बनाने के लिए स्वतंत्र होगें। (ii) संविधान सभा तथा ब्रिटिश सरकार के मध्य अल्पसंख्यकों के हितों को लेकर एक समझौता होगा। (4) उक्त व्यवस्था होने तक भारत के सुरक्षा संबंधी दायित्वों का निर्वहन ब्रिटेन करेगा तथा गवर्नर- जनरल की शक्तियाँ पूर्ववत् बनी रहेगी। अत: केवल कथन (1) एवं (2) सही है।
A. मार्च 1942 के क्रिप्स प्रस्ताव के प्रावधान निम्न थे– (1) युद्ध के पश्चात् संविधान निर्माण हेतु एक संविधान निर्मात्री सभा का गठन किया जायेगा। जिसमें ब्रिटिश प्रांतों के चुने हुये प्रतिनिधि तथा देशी रियासतों के प्रतिनिधि शामिल होगें। (2) डोमिनियन (उपनिवेश) राज्य के दर्जे के साथ एक भारतीय संघ की स्थापना की जायेगी। संघ को राष्ट्रकुल से भी अलग होने का अधिकार होगा। (3) संविधान निर्मात्री सभा द्वारा तैयार किये गये संविधान को सरकार दो शर्तों पर ही लागू कर सकेगी- (i) जिन भारतीय राज्यों (प्रान्तों) को संविधान स्वीकार नहीं है, वे भारतीय संघ से पृथक होने के अधिकारी होगें एवं अपना पृथक संविधान बनाने के लिए स्वतंत्र होगें। (ii) संविधान सभा तथा ब्रिटिश सरकार के मध्य अल्पसंख्यकों के हितों को लेकर एक समझौता होगा। (4) उक्त व्यवस्था होने तक भारत के सुरक्षा संबंधी दायित्वों का निर्वहन ब्रिटेन करेगा तथा गवर्नर- जनरल की शक्तियाँ पूर्ववत् बनी रहेगी। अत: केवल कथन (1) एवं (2) सही है।

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मार्च 1942 के क्रिप्स प्रस्ताव के प्रावधान निम्न थे– (1) युद्ध के पश्चात् संविधान निर्माण हेतु एक संविधान निर्मात्री सभा का गठन किया जायेगा। जिसमें ब्रिटिश प्रांतों के चुने हुये प्रतिनिधि तथा देशी रियासतों के प्रतिनिधि शामिल होगें। (2) डोमिनियन (उपनिवेश) राज्य के दर्जे के साथ एक भारतीय संघ की स्थापना की जायेगी। संघ को राष्ट्रकुल से भी अलग होने का अधिकार होगा। (3) संविधान निर्मात्री सभा द्वारा तैयार किये गये संविधान को सरकार दो शर्तों पर ही लागू कर सकेगी- (i) जिन भारतीय राज्यों (प्रान्तों) को संविधान स्वीकार नहीं है, वे भारतीय संघ से पृथक होने के अधिकारी होगें एवं अपना पृथक संविधान बनाने के लिए स्वतंत्र होगें। (ii) संविधान सभा तथा ब्रिटिश सरकार के मध्य अल्पसंख्यकों के हितों को लेकर एक समझौता होगा। (4) उक्त व्यवस्था होने तक भारत के सुरक्षा संबंधी दायित्वों का निर्वहन ब्रिटेन करेगा तथा गवर्नर- जनरल की शक्तियाँ पूर्ववत् बनी रहेगी। अत: केवल कथन (1) एवं (2) सही है।