Correct Answer:
Option D - 18वीं सदी के फ्रांसीसी समाज की कर एवं मुद्रा व्यवस्था–
1. टाइद (टीथे, धार्मिक कर)– चर्च द्वारा वसूल किया जाता था।
यह कर कृषि उपज के 10वें हिस्से के बराबर होता था।
2. टाइल (प्रत्यक्ष कर)– सीधे राज्य को अदा किया जाता था।
3. लिव्रे – फ्रांस की मुद्रा। इसे 1794 में समाप्त कर दिया गया।
D. 18वीं सदी के फ्रांसीसी समाज की कर एवं मुद्रा व्यवस्था–
1. टाइद (टीथे, धार्मिक कर)– चर्च द्वारा वसूल किया जाता था।
यह कर कृषि उपज के 10वें हिस्से के बराबर होता था।
2. टाइल (प्रत्यक्ष कर)– सीधे राज्य को अदा किया जाता था।
3. लिव्रे – फ्रांस की मुद्रा। इसे 1794 में समाप्त कर दिया गया।