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Q: .
  • A. अब्बास खाँ शरवानी
  • B. अमीर खुसरो
  • C. जियाउद्दीन बरनी
  • D. मिन्हाज-उस-सिराज
Correct Answer: Option A - अब्बास खाँ शरवानी मुगलकाल के लेखक है। इन्होंने अकबर के आदेश पर तारीख-ए-शेरशाही फारसी भाषा में लिखी, इसमें शेरशाह के जीवन चरित्र और शासन प्रबंध पर प्रकाश डाला गया है। अमीर खुसरो- सल्तनत काल के थे इन्होंने किरन-उस-सादेन मिफ्ताह-उल-फुतुह, खजाइन-उल-फुतुह, आशिका, नूह-ए-सिपिहर, तुगलकनामा व एजाज-ए-खुसरवी की रचना की। मिन्हाज-उस-सिराज (सल्तनत काल) - ने फारसी भाषा में तबकात-ए-नासिरी लिखी। जियाउद्दीन बरनी (सल्तनत काल) ने फारसी भाषा में तारीख-ए- फिरोजशाही व फतवा-ए-जहाँदारी लिखी।
A. अब्बास खाँ शरवानी मुगलकाल के लेखक है। इन्होंने अकबर के आदेश पर तारीख-ए-शेरशाही फारसी भाषा में लिखी, इसमें शेरशाह के जीवन चरित्र और शासन प्रबंध पर प्रकाश डाला गया है। अमीर खुसरो- सल्तनत काल के थे इन्होंने किरन-उस-सादेन मिफ्ताह-उल-फुतुह, खजाइन-उल-फुतुह, आशिका, नूह-ए-सिपिहर, तुगलकनामा व एजाज-ए-खुसरवी की रचना की। मिन्हाज-उस-सिराज (सल्तनत काल) - ने फारसी भाषा में तबकात-ए-नासिरी लिखी। जियाउद्दीन बरनी (सल्तनत काल) ने फारसी भाषा में तारीख-ए- फिरोजशाही व फतवा-ए-जहाँदारी लिखी।

Explanations:

अब्बास खाँ शरवानी मुगलकाल के लेखक है। इन्होंने अकबर के आदेश पर तारीख-ए-शेरशाही फारसी भाषा में लिखी, इसमें शेरशाह के जीवन चरित्र और शासन प्रबंध पर प्रकाश डाला गया है। अमीर खुसरो- सल्तनत काल के थे इन्होंने किरन-उस-सादेन मिफ्ताह-उल-फुतुह, खजाइन-उल-फुतुह, आशिका, नूह-ए-सिपिहर, तुगलकनामा व एजाज-ए-खुसरवी की रचना की। मिन्हाज-उस-सिराज (सल्तनत काल) - ने फारसी भाषा में तबकात-ए-नासिरी लिखी। जियाउद्दीन बरनी (सल्तनत काल) ने फारसी भाषा में तारीख-ए- फिरोजशाही व फतवा-ए-जहाँदारी लिखी।