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  • A. लिप ऐंगल असमान होना
  • B. प्वाइंट ऐंगल बहुत अधिक होना
  • C. क्लीयरेंस ऐंगल असमान होना
  • D. जिस धातु में ड्रिलिंग करनी है, कटिंग ऐंगल उसके अनुसार न होना
Correct Answer: Option A - लिप ऐंगल असमान होने के कारण ड्रिलिंग के दौरान चिप्स केवल एक ही लिप्स से लगातार निकलता है। ड्रिल के नीचे वाला भाग प्वाइंट कहलाता है। ड्रिल प्वाइंट तथा अक्ष के बीच बना कोण लिप ऐंगल कहलाता है। ड्रिल की काटने वाली धार ही लिप कहलाती है। यह धार ड्रिल के प्रत्येक फ्ल्यूट के साथ होती है लिप की लम्बाई व कोण बराबर रहना चाहिए अन्यथा होल सही नहीं होता है।
A. लिप ऐंगल असमान होने के कारण ड्रिलिंग के दौरान चिप्स केवल एक ही लिप्स से लगातार निकलता है। ड्रिल के नीचे वाला भाग प्वाइंट कहलाता है। ड्रिल प्वाइंट तथा अक्ष के बीच बना कोण लिप ऐंगल कहलाता है। ड्रिल की काटने वाली धार ही लिप कहलाती है। यह धार ड्रिल के प्रत्येक फ्ल्यूट के साथ होती है लिप की लम्बाई व कोण बराबर रहना चाहिए अन्यथा होल सही नहीं होता है।

Explanations:

लिप ऐंगल असमान होने के कारण ड्रिलिंग के दौरान चिप्स केवल एक ही लिप्स से लगातार निकलता है। ड्रिल के नीचे वाला भाग प्वाइंट कहलाता है। ड्रिल प्वाइंट तथा अक्ष के बीच बना कोण लिप ऐंगल कहलाता है। ड्रिल की काटने वाली धार ही लिप कहलाती है। यह धार ड्रिल के प्रत्येक फ्ल्यूट के साथ होती है लिप की लम्बाई व कोण बराबर रहना चाहिए अन्यथा होल सही नहीं होता है।