Correct Answer:
Option B - (A)‘‘फ्रायड के अनुसार कला और धर्म दोनों का उद्भव अवचेतन मानस की संचित प्रेरणाओं और इच्छाओं से होता है।’’
(B) ‘‘एडलर के मनोविज्ञान में आत्म स्थापन की प्रवृत्ति प्रमुख है।’’
मनोविश्लेषणवाद से संबंधित दोनों मान्यताएँ सही है।
⇒ सिगमंड फ्रायड द्वारा 19वीं सदी के उत्तरार्द्ध में मानसिक रोगियों का इलाज करते हुए मानसिक व स्नायविक विकारों के सम्बन्ध में दिया गया सिद्धान्त व व्यवहार मनोविश्लेषण कहलाता है। इससे ही मनोविश्लेषणवाद बना। फ्रायड के अनुसार अचेतन मानस की संचित प्रेरणाओं और इच्छाओं से ही कला और धर्म, दोनों का का उद्भव होता है साहित्य और कला का जन्म तब होता है जब दमित वासनाएँ उदात्त रूप में अभिव्यक्ति पाती है। साहित्य, कला, धर्म आदि सभी को फ्रायड इन्ही संचित वासनाओं और प्रेरणाओं से उद्भूत मानता है।
फ्रायड के सिद्धान्त ‘इडिपस कुण्ठा’ का विशेष महत्व है। फ्रायड के विचारों का कला और साहित्य पर गहरा प्रभाव पड़ा।
⇒ एडलर के मनोविज्ञान में ‘लिबिडो’ अथवा ‘कामवृत्ति’ से अधिक महत्व ‘अहम्’ को दिया गया है। इनके मनोविज्ञान में आत्म स्थापन की प्रवृत्ति ही प्रमुख है।
B. (A)‘‘फ्रायड के अनुसार कला और धर्म दोनों का उद्भव अवचेतन मानस की संचित प्रेरणाओं और इच्छाओं से होता है।’’
(B) ‘‘एडलर के मनोविज्ञान में आत्म स्थापन की प्रवृत्ति प्रमुख है।’’
मनोविश्लेषणवाद से संबंधित दोनों मान्यताएँ सही है।
⇒ सिगमंड फ्रायड द्वारा 19वीं सदी के उत्तरार्द्ध में मानसिक रोगियों का इलाज करते हुए मानसिक व स्नायविक विकारों के सम्बन्ध में दिया गया सिद्धान्त व व्यवहार मनोविश्लेषण कहलाता है। इससे ही मनोविश्लेषणवाद बना। फ्रायड के अनुसार अचेतन मानस की संचित प्रेरणाओं और इच्छाओं से ही कला और धर्म, दोनों का का उद्भव होता है साहित्य और कला का जन्म तब होता है जब दमित वासनाएँ उदात्त रूप में अभिव्यक्ति पाती है। साहित्य, कला, धर्म आदि सभी को फ्रायड इन्ही संचित वासनाओं और प्रेरणाओं से उद्भूत मानता है।
फ्रायड के सिद्धान्त ‘इडिपस कुण्ठा’ का विशेष महत्व है। फ्रायड के विचारों का कला और साहित्य पर गहरा प्रभाव पड़ा।
⇒ एडलर के मनोविज्ञान में ‘लिबिडो’ अथवा ‘कामवृत्ति’ से अधिक महत्व ‘अहम्’ को दिया गया है। इनके मनोविज्ञान में आत्म स्थापन की प्रवृत्ति ही प्रमुख है।