Correct Answer:
Option D - स्वामी रामानंद मध्यकालीन भक्ति आन्दोलन के सन्त थे। उन्होंने राम भक्ति धारा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया। वे पहले ऐसे आचार्य हुये जिन्होंने उत्तर भारत में भक्ति का प्रचार किया। इन्होंने अपने संदेश के प्रचार प्रसार के लिए हिंदी का प्रयोग किया। उनके बारे में प्रचलित कहावत है कि- भक्ति द्राविड़ उपजी, लाये रामानन्द।
D. स्वामी रामानंद मध्यकालीन भक्ति आन्दोलन के सन्त थे। उन्होंने राम भक्ति धारा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया। वे पहले ऐसे आचार्य हुये जिन्होंने उत्तर भारत में भक्ति का प्रचार किया। इन्होंने अपने संदेश के प्रचार प्रसार के लिए हिंदी का प्रयोग किया। उनके बारे में प्रचलित कहावत है कि- भक्ति द्राविड़ उपजी, लाये रामानन्द।