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Q: .
  • A. आपका बंटी
  • B. जिन्दगीनामा
  • C. बाणभट्ट की आत्मकथा
  • D. परीक्षा गुरु
Correct Answer: Option C - : ‘निपुणिका’ ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ उपन्यास की पात्र है। ⇒ ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ 1942 में प्रकाशित हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है। इस उपन्यास में स्वच्छन्दतावाद के सभी तत्व विद्यमान है। वस्तुत: बाणभट्ट स्वयं स्वच्छन्द प्रवृत्ति का नायक है। कल्पना प्रियता, भावावेग, आदर्शप्रणय, सौन्दर्यप्रियता, प्रकृति पे्रम, रहस्यप्रियता, विचित्रता और अलौकिकता के समावेश से यह उपन्यास स्वच्छन्दतावाद की सभी विशेषताओं से युक्त है। ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ उपन्यास के पात्र:- स्त्री पात्र- निपुणिका (निउनिया), भट्टिनी, सुचरिता, महामाया पुरुष पात्र- बाणभट्ट, अघोर भैरव, विरतिवङ्का।
C. : ‘निपुणिका’ ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ उपन्यास की पात्र है। ⇒ ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ 1942 में प्रकाशित हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है। इस उपन्यास में स्वच्छन्दतावाद के सभी तत्व विद्यमान है। वस्तुत: बाणभट्ट स्वयं स्वच्छन्द प्रवृत्ति का नायक है। कल्पना प्रियता, भावावेग, आदर्शप्रणय, सौन्दर्यप्रियता, प्रकृति पे्रम, रहस्यप्रियता, विचित्रता और अलौकिकता के समावेश से यह उपन्यास स्वच्छन्दतावाद की सभी विशेषताओं से युक्त है। ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ उपन्यास के पात्र:- स्त्री पात्र- निपुणिका (निउनिया), भट्टिनी, सुचरिता, महामाया पुरुष पात्र- बाणभट्ट, अघोर भैरव, विरतिवङ्का।

Explanations:

: ‘निपुणिका’ ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ उपन्यास की पात्र है। ⇒ ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ 1942 में प्रकाशित हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है। इस उपन्यास में स्वच्छन्दतावाद के सभी तत्व विद्यमान है। वस्तुत: बाणभट्ट स्वयं स्वच्छन्द प्रवृत्ति का नायक है। कल्पना प्रियता, भावावेग, आदर्शप्रणय, सौन्दर्यप्रियता, प्रकृति पे्रम, रहस्यप्रियता, विचित्रता और अलौकिकता के समावेश से यह उपन्यास स्वच्छन्दतावाद की सभी विशेषताओं से युक्त है। ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ उपन्यास के पात्र:- स्त्री पात्र- निपुणिका (निउनिया), भट्टिनी, सुचरिता, महामाया पुरुष पात्र- बाणभट्ट, अघोर भैरव, विरतिवङ्का।