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Q: .
  • A. सरस्वती
  • B. कविवचन सुधा
  • C. इंदु
  • D. हिंदी प्रदीप
Correct Answer: Option C - ‘कानों में कंगना’ कहानी संवत् 1970 (1913) में इंदु पत्रिका में पत्रिका में प्रकाशित हुई। इसके लेखक राधिका रमण सिंह है। ⇒ इस कहानी में कथानायक नरेन्द्र द्वारा अपनी पत्नी की उपेक्षा तथा किन्नरी नामक वेश्या के प्रति आकर्षित होने तथा बाद में पश्चाताप की कथा वर्णित है। राधिका रमण सिंह प्रेमचंद-पूर्व-युग के कहानीकार है। इनकी कहानियाँ इस प्रकार है- कानों में कंगना (1913), कुसुमांजलि; गाँधी टोपी (1938), सावनी समाँ (1938), पैसे की घुघनी, दरिद्रनारायण, बिजली।
C. ‘कानों में कंगना’ कहानी संवत् 1970 (1913) में इंदु पत्रिका में पत्रिका में प्रकाशित हुई। इसके लेखक राधिका रमण सिंह है। ⇒ इस कहानी में कथानायक नरेन्द्र द्वारा अपनी पत्नी की उपेक्षा तथा किन्नरी नामक वेश्या के प्रति आकर्षित होने तथा बाद में पश्चाताप की कथा वर्णित है। राधिका रमण सिंह प्रेमचंद-पूर्व-युग के कहानीकार है। इनकी कहानियाँ इस प्रकार है- कानों में कंगना (1913), कुसुमांजलि; गाँधी टोपी (1938), सावनी समाँ (1938), पैसे की घुघनी, दरिद्रनारायण, बिजली।

Explanations:

‘कानों में कंगना’ कहानी संवत् 1970 (1913) में इंदु पत्रिका में पत्रिका में प्रकाशित हुई। इसके लेखक राधिका रमण सिंह है। ⇒ इस कहानी में कथानायक नरेन्द्र द्वारा अपनी पत्नी की उपेक्षा तथा किन्नरी नामक वेश्या के प्रति आकर्षित होने तथा बाद में पश्चाताप की कथा वर्णित है। राधिका रमण सिंह प्रेमचंद-पूर्व-युग के कहानीकार है। इनकी कहानियाँ इस प्रकार है- कानों में कंगना (1913), कुसुमांजलि; गाँधी टोपी (1938), सावनी समाँ (1938), पैसे की घुघनी, दरिद्रनारायण, बिजली।