Correct Answer:
Option B - कथन एवं संबंधित रचनाओं के सही युग्म हैं-
(A) मूर्खता मेरी जन्मजात विरासत थी - मुर्दहिया।
(D) आरंभ जितना महत्वपूर्ण होता है, अन्त उतना ही महत्वहीन - आवारा मसीहा।
(E) किसी भी शासन के दो प्रमुख अंग होते हैं - सुरक्षा और विधि व्यवस्था - क्या क्या कया याद करूँ
⇒ तुलसीराम की आत्मकथा का प्रथम भाग मुर्दहिया (2010) में उनकी बाल्यावस्था से लेकर युवावस्था के बीच की घटनाओं का केवल चित्रण ही नही है, बल्कि लेखक ने अपनी आत्मकथा में भारतीय समाज के विविध सामाजिक यथार्थ का अनावरण भी किया है। मुर्दहिया के माध्यम से उन्होंने दलित बस्ती की जिन्दगी और अनेकानेक घटनाओं के बहाने वहाँ के लोकजीवन पर भी प्रकाश डाला है। तुलसीराम की आत्मकथा का दूसरा भाग मणिकार्णिका 2013 में प्रकाशित हुई।
⇒ आवारामसीहा विष्णु प्रभाकर द्वारा रचित प्रसिद्ध बांग्ला लेखक शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की जीवनी है। ‘आवारा मसीहा’ का प्रथम संस्करण 1974 में प्रकाशित हुआ था। इसके तीन भाग है-
1- दिशाहारा 2- दिशा की खोज 3- दिशांत
⇒ ‘क्या भूलू क्या याद करूँ’ 1969 में प्रकाशित हरिवंशराय बच्चन की आत्मकथा का प्रथम भाग है। इसके प्रारम्भ में उत्तर प्रदेश की अमोढ़ा (बस्ती) गाँव का उल्लेख है। इसमें तत्कालीन समय के संयुक्त परिवार तथा गरीबी में भी लोगों का एक साथ रहने का वर्णन है।
⇒ एक बूँद सहसा उछली’ अज्ञेय का यात्रावृत्तान्त है जो 1960 में प्रकाशित हुआ था।
⇒ ‘माटी की मूरते’ रामवृक्ष बेनीपुरी का 1946 में प्रकाशित रेखाचित्र है।
B. कथन एवं संबंधित रचनाओं के सही युग्म हैं-
(A) मूर्खता मेरी जन्मजात विरासत थी - मुर्दहिया।
(D) आरंभ जितना महत्वपूर्ण होता है, अन्त उतना ही महत्वहीन - आवारा मसीहा।
(E) किसी भी शासन के दो प्रमुख अंग होते हैं - सुरक्षा और विधि व्यवस्था - क्या क्या कया याद करूँ
⇒ तुलसीराम की आत्मकथा का प्रथम भाग मुर्दहिया (2010) में उनकी बाल्यावस्था से लेकर युवावस्था के बीच की घटनाओं का केवल चित्रण ही नही है, बल्कि लेखक ने अपनी आत्मकथा में भारतीय समाज के विविध सामाजिक यथार्थ का अनावरण भी किया है। मुर्दहिया के माध्यम से उन्होंने दलित बस्ती की जिन्दगी और अनेकानेक घटनाओं के बहाने वहाँ के लोकजीवन पर भी प्रकाश डाला है। तुलसीराम की आत्मकथा का दूसरा भाग मणिकार्णिका 2013 में प्रकाशित हुई।
⇒ आवारामसीहा विष्णु प्रभाकर द्वारा रचित प्रसिद्ध बांग्ला लेखक शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की जीवनी है। ‘आवारा मसीहा’ का प्रथम संस्करण 1974 में प्रकाशित हुआ था। इसके तीन भाग है-
1- दिशाहारा 2- दिशा की खोज 3- दिशांत
⇒ ‘क्या भूलू क्या याद करूँ’ 1969 में प्रकाशित हरिवंशराय बच्चन की आत्मकथा का प्रथम भाग है। इसके प्रारम्भ में उत्तर प्रदेश की अमोढ़ा (बस्ती) गाँव का उल्लेख है। इसमें तत्कालीन समय के संयुक्त परिवार तथा गरीबी में भी लोगों का एक साथ रहने का वर्णन है।
⇒ एक बूँद सहसा उछली’ अज्ञेय का यात्रावृत्तान्त है जो 1960 में प्रकाशित हुआ था।
⇒ ‘माटी की मूरते’ रामवृक्ष बेनीपुरी का 1946 में प्रकाशित रेखाचित्र है।