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Q: .
  • A. चौथा अंक
  • B. तीसरा अंक
  • C. पहला अंक
  • D. दूसरा अंक
Correct Answer: Option D - उपर्युक्त पंक्तियाँ ‘अन्धेर नगरी’ नाटक के द्वितीय अंक से ली गयी है। ⇒ यह गीत अंधेर नगरी मेें पाचक वाला गाता है। ⇒ ‘अन्धेर नगरी’ भारतेन्दु हरिश्चन्द्र कृत 1881 में प्रकाशित एक प्रहसन है। यह कुल 6 अंकों में विभक्त है। यह नाटक तत्कालीन शासन के ऊपर बहुत बड़ा व्यंग्य है। कहते है कि बिहार प्रान्त के किसी बड़े जमींदार के अन्धेर को भारतेन्दु ने इस नाटक की रचना एक रात में की। अंधेरनगरी नाटक के पात्र:- महंत, नारायण दास (शिष्य), गोवर्धनदास (शिष्य), घासीराम, कुजडि़न, पाचकवाला, मछलीवाली, जातवाला (ब्रोह्मण)।
D. उपर्युक्त पंक्तियाँ ‘अन्धेर नगरी’ नाटक के द्वितीय अंक से ली गयी है। ⇒ यह गीत अंधेर नगरी मेें पाचक वाला गाता है। ⇒ ‘अन्धेर नगरी’ भारतेन्दु हरिश्चन्द्र कृत 1881 में प्रकाशित एक प्रहसन है। यह कुल 6 अंकों में विभक्त है। यह नाटक तत्कालीन शासन के ऊपर बहुत बड़ा व्यंग्य है। कहते है कि बिहार प्रान्त के किसी बड़े जमींदार के अन्धेर को भारतेन्दु ने इस नाटक की रचना एक रात में की। अंधेरनगरी नाटक के पात्र:- महंत, नारायण दास (शिष्य), गोवर्धनदास (शिष्य), घासीराम, कुजडि़न, पाचकवाला, मछलीवाली, जातवाला (ब्रोह्मण)।

Explanations:

उपर्युक्त पंक्तियाँ ‘अन्धेर नगरी’ नाटक के द्वितीय अंक से ली गयी है। ⇒ यह गीत अंधेर नगरी मेें पाचक वाला गाता है। ⇒ ‘अन्धेर नगरी’ भारतेन्दु हरिश्चन्द्र कृत 1881 में प्रकाशित एक प्रहसन है। यह कुल 6 अंकों में विभक्त है। यह नाटक तत्कालीन शासन के ऊपर बहुत बड़ा व्यंग्य है। कहते है कि बिहार प्रान्त के किसी बड़े जमींदार के अन्धेर को भारतेन्दु ने इस नाटक की रचना एक रात में की। अंधेरनगरी नाटक के पात्र:- महंत, नारायण दास (शिष्य), गोवर्धनदास (शिष्य), घासीराम, कुजडि़न, पाचकवाला, मछलीवाली, जातवाला (ब्रोह्मण)।