Which number form the given alternatives can come in place of the question mark (?) in the following series? 61, 99, 152, 222, 312, ?
साल 2025 में आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की मेजबानी कौन-सा देश करेगा?
When language is learnt naturally and without any systematic practice, it is called
मसौदा समिति के अध्यक्ष कौन थे, जिनके पास संविधान का मसौदा तैयार करने का कार्य था?
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्न का सटीक उत्तर दीजिए : (89-93) कुछ लोग विज्ञान को इसलिए अभिशाप मानते हैं। कि इसने बड़े-बड़े संहारक अस्त्रों को जन्म दिया है। इसीलिए विज्ञान को घातक हथियारों का जनक कहा जाता है। इन घातक हथियारों के इस्तेमाल से सारे संसार को मिनटों में नष्ट किया जा सकता है। देखा जाए तो हथियारों की यह दौड़ विज्ञान के कारण नहीं बल्कि वर्तमान विश्व का असंतुलित विकास, गरीब और अमीर देशों में दुनिया का विभाजन तथा विकसित पूँजीवादी देशों पर प्रभुत्व बनाने की महत्वाकांक्षा ने इस विकार को जन्म दिया है। अत: विज्ञान को अभिशाप होने से बचाने के लिए विश्व व्यवस्था में परिवर्तन करना होगा। नयी व्यवस्था में हथियारों की दौड़ समाप्त होगी और विज्ञान अभिशाप कहलाने के कलंक से बच जाएगा। गद्यांश में विकार किसको बताया गया है?
निर्देश- प्रश्न संख्या (162 से 169) निम्नलिखितं गद्यांशं पठित्वा अष्टप्रश्नानां यथोचितं विकल्पं चित्वा उत्तराणि देयानि- ते तत्र विश्वासमापन्ना: तात! मातुल! भ्रात! इति ब्रुवाणा अहं पूर्वमहं पूर्वमिति समन्तात् परितस्थु:। सोऽपि दृष्टाशय: क्रमेण तान् पृष्ठे आरोप्य जलाशयस्य नातिदूरे शिलां समासाद्य तस्यामाक्षिप्य स्वेच्छया भक्षयित्वा भूयोऽपि जलाशयं समासाद्य जलचराणां मिथ्यावार्तासन्देशकैर्मनांसि रञ्जयन्नित्यामिवाहारवृत्तिमकरोत्। अन्यस्मिन् दिने च कुलीरकेणोक्त:- ‘‘माम! मया सह ते प्रथम: स्नेहसम्भाष: सञ्जात:। तत् किं मां परित्यज्य अन्यान्नयसि। तस्मादद्य मे प्राणत्राणं कुरु’’ तदाकरण्य सोऽपि दुष्टाशयश्चिन्तितवान् । ‘‘निर्विणोऽहं मत्स्यमांसादनेन। तदद्य एनं कुलीरकं व्यञ्जनस्थाने करोमि’’। इति विचिन्त्य तं पृष्ठे समारोप्य तां वध्यशिलामुद्दिश्य प्रस्थित:। कुलीरकोऽपि दूरादेवास्थिपर्वतं शिलाश्रयमवलोक्य मत्स्यास्थीनि परिज्ञाय तमपृच्छत् - ‘‘माम! कियद्दूरे स जलाशय:? मदीयभारेण अतिश्रान्तस्त्वं तत् कथय’’। सोऽपि मन्दधीर्जलचरोऽप्यमिति मत्वा स्थले न प्रभवतीति सस्मितमिदमाह- ‘‘कुलीरक!’’ कुतोऽन्यो जलाशय: मम प्राणयात्रेयम् , तस्मात् स्मय्र्यतामात्मनोऽभीष्टदेवता। त्वामपि अस्यां शिलायां निक्षिप्य भक्षयिष्यामि’’। इत्युक्तवति तस्मिन् स्ववदनदंशद्वयेन मृणालनालधवलायां मृदुग्रीवायां गृहीतो मृतश्च। अथ स तां बकग्रीवां समादाय शनै: शनै: तज्जलाशयमाससाद। तत: सर्वैरेव जलचरै: पृष्ट:- ‘‘भो: कुलीरक! किं निवृत्तस्त्वम्?’’ स मातुलोऽपि न आयात:? तत् किं चिरयति? वयं सर्वे सोत्सुका: कृतक्षणास्ति ष्ठाम:’’। एवं तैरभिहिते कुलीरकोऽपि विहस्योवाच- ‘‘मूर्खा: सर्वे जलचरास्तेन मिथ्यावादिना वञ्चयित्वा नातिदूरे शिलातले प्रक्षिप्य भक्षिता:। तन्मया आयु: शेषतया तस्य विश्वासघातकस्य अभिप्रायं ज्ञात्वा ग्रीवेयमानीता। तदलं सम्भ्रमेण। अधुना सर्वजलचराणां क्षेमं भविष्यति’’। अतोऽहंब्रवीमि- ‘‘भक्षयित्वा बहून् मत्स्यान्’’ इति।चिंतितवान् इत्यस्मिं शब्दे क: प्रत्यय:?
The doctrine of 'Laissez Faire' was influenced by ‘‘लैसेज फेयर’’ (अबंध नीति) का सिद्धान्त किससे प्रभावित था?
The full name of 'FTP'/`एफटीपी' का पूरा नाम है–
_______is the state animal of Madhya Pradesh. _______ मध्य प्रदेश का राजकीय पशु है
किसी कूट भाषा में FORWARD को 1234536 और WATER को 45783 लिखा जाता है तो उस भाषा में RETARD को किस प्रकार से लिखेगें ?
Explanations:
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