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Q: ,
  • A. कर्मवाच्य
  • B. कर्तृवाच्य
  • C. भाववाच्य
  • D. सरल वाक्य
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - 1. जिस वाक्य में कर्ता की प्रधानता होती है तथा लिंग, वचन, प्राय: कर्ता के अनुसार होते हैं, वे वाक्य कर्तृवाच्य कहलाते हैं। जैसे-राम पुस्तक पढ़ता है। 2. जिस वाक्य में कर्म की प्रधानता होती है तथा लिंग, वचन प्राय: कर्म के अनुसार होते हैं वे वाक्य कर्मवाच्य कहलाते हैं, जैसे – पुस्तक राम के द्वारा पढ़ी जाती है। 3.जिस वाक्य में न तो कर्ता औन न ही कर्म की प्रधानता हो,केवल भाव की प्रधानता हो, वे भाववाच्य कहलाते हैं। जैसे- उससे लिखा नहीं जाता।
B. 1. जिस वाक्य में कर्ता की प्रधानता होती है तथा लिंग, वचन, प्राय: कर्ता के अनुसार होते हैं, वे वाक्य कर्तृवाच्य कहलाते हैं। जैसे-राम पुस्तक पढ़ता है। 2. जिस वाक्य में कर्म की प्रधानता होती है तथा लिंग, वचन प्राय: कर्म के अनुसार होते हैं वे वाक्य कर्मवाच्य कहलाते हैं, जैसे – पुस्तक राम के द्वारा पढ़ी जाती है। 3.जिस वाक्य में न तो कर्ता औन न ही कर्म की प्रधानता हो,केवल भाव की प्रधानता हो, वे भाववाच्य कहलाते हैं। जैसे- उससे लिखा नहीं जाता।

Explanations:

1. जिस वाक्य में कर्ता की प्रधानता होती है तथा लिंग, वचन, प्राय: कर्ता के अनुसार होते हैं, वे वाक्य कर्तृवाच्य कहलाते हैं। जैसे-राम पुस्तक पढ़ता है। 2. जिस वाक्य में कर्म की प्रधानता होती है तथा लिंग, वचन प्राय: कर्म के अनुसार होते हैं वे वाक्य कर्मवाच्य कहलाते हैं, जैसे – पुस्तक राम के द्वारा पढ़ी जाती है। 3.जिस वाक्य में न तो कर्ता औन न ही कर्म की प्रधानता हो,केवल भाव की प्रधानता हो, वे भाववाच्य कहलाते हैं। जैसे- उससे लिखा नहीं जाता।