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  • A. उत्पादक
  • B. उपभोक्ता
  • C. अपघटक
  • D. द्वितीयक उपभोक्ता
Correct Answer: Option C - वन के पारिस्थितिकी तंत्र में कवक को अपघटक समूह में रखा गया है। पारिस्थितिकी तंत्र में मृतजीवों के कार्बनिक तत्व का सतत् विखण्डन अथवा अपघटन होता रहता है और पदार्थो का निरंतर चक्रण होता रहता है। कुछ जीवाणु जो सूक्ष्म जीव है और कुछ कवक इन पदार्थो के अपघटन और पुर्नचक्रण के उत्तरदायी होते हैं। ये जीव अपघटक अथवा मृतपोषी अथवा विघटक कहलाते हैं। अधिकांश मृतपोषी सूक्ष्मजीवी और परपोषी प्रकृति के होते हैं।
C. वन के पारिस्थितिकी तंत्र में कवक को अपघटक समूह में रखा गया है। पारिस्थितिकी तंत्र में मृतजीवों के कार्बनिक तत्व का सतत् विखण्डन अथवा अपघटन होता रहता है और पदार्थो का निरंतर चक्रण होता रहता है। कुछ जीवाणु जो सूक्ष्म जीव है और कुछ कवक इन पदार्थो के अपघटन और पुर्नचक्रण के उत्तरदायी होते हैं। ये जीव अपघटक अथवा मृतपोषी अथवा विघटक कहलाते हैं। अधिकांश मृतपोषी सूक्ष्मजीवी और परपोषी प्रकृति के होते हैं।
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Explanations:

वन के पारिस्थितिकी तंत्र में कवक को अपघटक समूह में रखा गया है। पारिस्थितिकी तंत्र में मृतजीवों के कार्बनिक तत्व का सतत् विखण्डन अथवा अपघटन होता रहता है और पदार्थो का निरंतर चक्रण होता रहता है। कुछ जीवाणु जो सूक्ष्म जीव है और कुछ कवक इन पदार्थो के अपघटन और पुर्नचक्रण के उत्तरदायी होते हैं। ये जीव अपघटक अथवा मृतपोषी अथवा विघटक कहलाते हैं। अधिकांश मृतपोषी सूक्ष्मजीवी और परपोषी प्रकृति के होते हैं।
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