Correct Answer:
Option B - ‘मजदूरी और प्रेम’ निबंध में आई पंक्तियों का पहले से बाद का व्यवस्थित क्रम निम्न है –
1. हल चलाने वाले और भेड़ चराने वाले प्राय: स्वभाव से ही साधु होते हैं।
2. आपने चार आने पैसे मजदूर के हाथ में रखकर कहा - यह लो दिन भर की अपनी मजदूरी। ‘‘वाह क्या दिल्लगी है।’’
3. मुझे तो मनुष्य के हाथ से बने कामों में उनकी प्रेममय पवित्र आत्मा की सुगंध आती है।
4. आदमियों की तिजारत करना मूर्खों का काम है। सोने और लोहे के बदले मनुष्य को बेचना मना है।
5. पश्चिमी सभ्यता मुख मोड़ रही है। वह एक नया आदर्श देख रही है।
‘मजदूरी और प्रेम’ निबंध के लेखक सरदार पूर्ण सिंह हैं। सरदार पूर्ण सिंह ने कुल छ: निबंध लिखे हैं जो इस प्रकार हैं – 1. सच्ची वीरता, 2. मजदूरी और प्रेम, 3. आचरण की सभ्यता, 4. कन्यादान, 5. पवित्रता, 6. अमेरिका का मस्त योगी वाल्ट व्हिटमैन।
B. ‘मजदूरी और प्रेम’ निबंध में आई पंक्तियों का पहले से बाद का व्यवस्थित क्रम निम्न है –
1. हल चलाने वाले और भेड़ चराने वाले प्राय: स्वभाव से ही साधु होते हैं।
2. आपने चार आने पैसे मजदूर के हाथ में रखकर कहा - यह लो दिन भर की अपनी मजदूरी। ‘‘वाह क्या दिल्लगी है।’’
3. मुझे तो मनुष्य के हाथ से बने कामों में उनकी प्रेममय पवित्र आत्मा की सुगंध आती है।
4. आदमियों की तिजारत करना मूर्खों का काम है। सोने और लोहे के बदले मनुष्य को बेचना मना है।
5. पश्चिमी सभ्यता मुख मोड़ रही है। वह एक नया आदर्श देख रही है।
‘मजदूरी और प्रेम’ निबंध के लेखक सरदार पूर्ण सिंह हैं। सरदार पूर्ण सिंह ने कुल छ: निबंध लिखे हैं जो इस प्रकार हैं – 1. सच्ची वीरता, 2. मजदूरी और प्रेम, 3. आचरण की सभ्यता, 4. कन्यादान, 5. पवित्रता, 6. अमेरिका का मस्त योगी वाल्ट व्हिटमैन।