Correct Answer:
Option A - ‘आदि अंत जासि कथ्था अहै। लिखि भाखा चौपाई कहै।’ उक्त पंक्ति जायसी की है। जायसी प्रेमाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि हैं। इनकी प्रसिद्ध रचना ‘पद्मावत’ है, जो अवधी भाषा में लिखा गया है। इसमें कुल 57 खण्ड हैं। इनका प्रिय अलंकार उत्प्रेक्षा है। जायसी प्रसिद्ध सूफी फकीर शेख मोहिदी (मोहीउद्दीन) के शिष्य थे और शेरशाह के समकालीन कवि थे तथा अमेठी के निकट जायस नगर में रहते थे। इनकी अन्य प्रमुख रचनाएं हैं- अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा, मसलानामा, कन्हावत इत्यादि।
A. ‘आदि अंत जासि कथ्था अहै। लिखि भाखा चौपाई कहै।’ उक्त पंक्ति जायसी की है। जायसी प्रेमाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि हैं। इनकी प्रसिद्ध रचना ‘पद्मावत’ है, जो अवधी भाषा में लिखा गया है। इसमें कुल 57 खण्ड हैं। इनका प्रिय अलंकार उत्प्रेक्षा है। जायसी प्रसिद्ध सूफी फकीर शेख मोहिदी (मोहीउद्दीन) के शिष्य थे और शेरशाह के समकालीन कवि थे तथा अमेठी के निकट जायस नगर में रहते थे। इनकी अन्य प्रमुख रचनाएं हैं- अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा, मसलानामा, कन्हावत इत्यादि।