Correct Answer:
Option B - ‘‘दो सम पूर्णांकों का योग सदैव सम होता है।’’ यह ‘प्रत्यक्ष उपपत्ति’ से सिद्ध किया जा सकता है। प्रत्यक्ष उपपत्ति एक प्रतिज्ञप्ति की उपपत्ति है जिसमें हम सीधे प्रतिपज्ञाति के साथ उपपत्ति देना शुरू करते हैं। यह एक तरह का सरल दृष्टिकोण है, जिसमें युक्ति की शृंखला सीधे उस ची़ज से होती है, जो दी गई या ग्रहण की गई है, जो कि तर्क के नियमों का उपयोग करके सिद्ध की जाने वाली ची़जों के साथ अभिगृहित, परिभाषाओं, या पहले से ही सिद्ध प्रमेयों की मदद से होती है।
B. ‘‘दो सम पूर्णांकों का योग सदैव सम होता है।’’ यह ‘प्रत्यक्ष उपपत्ति’ से सिद्ध किया जा सकता है। प्रत्यक्ष उपपत्ति एक प्रतिज्ञप्ति की उपपत्ति है जिसमें हम सीधे प्रतिपज्ञाति के साथ उपपत्ति देना शुरू करते हैं। यह एक तरह का सरल दृष्टिकोण है, जिसमें युक्ति की शृंखला सीधे उस ची़ज से होती है, जो दी गई या ग्रहण की गई है, जो कि तर्क के नियमों का उपयोग करके सिद्ध की जाने वाली ची़जों के साथ अभिगृहित, परिभाषाओं, या पहले से ही सिद्ध प्रमेयों की मदद से होती है।