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Q: .
  • A. द्वंद्व
  • B. कर्मधारय
  • C. अव्ययीभाव
  • D. तत्पुरूष
Correct Answer: Option B - ‘परमेश्वर-परम है ईश्वर’ कर्मधारय समास है। इस समास में उत्तर पद प्रधान होता है तथा पूर्व पद व उत्तर पद में उपमान-उपमेय अथवा विशेषण-विशेष्य का सम्बन्ध होता है। जैसे– प्राणप्रिय– प्राणों के समान प्रिय लालमणि– लाल है जो मणि
B. ‘परमेश्वर-परम है ईश्वर’ कर्मधारय समास है। इस समास में उत्तर पद प्रधान होता है तथा पूर्व पद व उत्तर पद में उपमान-उपमेय अथवा विशेषण-विशेष्य का सम्बन्ध होता है। जैसे– प्राणप्रिय– प्राणों के समान प्रिय लालमणि– लाल है जो मणि

Explanations:

‘परमेश्वर-परम है ईश्वर’ कर्मधारय समास है। इस समास में उत्तर पद प्रधान होता है तथा पूर्व पद व उत्तर पद में उपमान-उपमेय अथवा विशेषण-विशेष्य का सम्बन्ध होता है। जैसे– प्राणप्रिय– प्राणों के समान प्रिय लालमणि– लाल है जो मणि