Correct Answer:
Option C - प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन 483 ई.पू. राजगीर में हुआ था। यह संगीति मगध सम्राट अजातशत्रु के काल में हुई थी। इसकी अध्यक्षता महाकश्यप ने की थी। द्वितीय बौद्ध संगीति वैशाली में, तृतीय बौद्ध संगीति पाटलिपुत्र में व चतुर्थ बौद्ध संगीति कुण्डलवन में हुई। अन्य तीन बौद्ध संगीतियों का आयोजन निम्न स्वरूप में है-
⦁ द्वितीय बौद्ध संगीत वैशाली में सबाकामी की अध्यक्षता में कालाशोक के शासनकाल में।
⦁ तृतीय बौद्ध संगीति पाटलिपुत्र में मोग्गलिपुत्त तिस्स अध्यक्ष तथा अशोक का शासनकाल था।
⦁ चतुर्थ बौद्ध संगीति प्रथम शताब्दी ईस्वी ई. में कुण्डलवन (कश्मीर) में वसुमित्र की अध्यक्षता में कनिष्क के काल में हुई।
C. प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन 483 ई.पू. राजगीर में हुआ था। यह संगीति मगध सम्राट अजातशत्रु के काल में हुई थी। इसकी अध्यक्षता महाकश्यप ने की थी। द्वितीय बौद्ध संगीति वैशाली में, तृतीय बौद्ध संगीति पाटलिपुत्र में व चतुर्थ बौद्ध संगीति कुण्डलवन में हुई। अन्य तीन बौद्ध संगीतियों का आयोजन निम्न स्वरूप में है-
⦁ द्वितीय बौद्ध संगीत वैशाली में सबाकामी की अध्यक्षता में कालाशोक के शासनकाल में।
⦁ तृतीय बौद्ध संगीति पाटलिपुत्र में मोग्गलिपुत्त तिस्स अध्यक्ष तथा अशोक का शासनकाल था।
⦁ चतुर्थ बौद्ध संगीति प्रथम शताब्दी ईस्वी ई. में कुण्डलवन (कश्मीर) में वसुमित्र की अध्यक्षता में कनिष्क के काल में हुई।