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  • A. चील व साँप
  • B. गाय और खरगोश
  • C. हिरण और शेर
  • D. बकरी और लोमड़ी
Correct Answer: Option B - प्राथमिक उपभोक्ता जिन्हें शाकाहारी (या सर्वाहारी) भी कहा जाता है, ऐसे जीव है जो खाद्य शृंखला के भीतर दूसरे पोषी स्तर पर रहते हैं। उनकी ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत उपभोग करने वाले उत्पादकों से आता है, जो पौधे या शैवाल जैसे स्वपोषी जीव हैं। प्राथमिक उपभोक्ता खाद्य शृखंला के माध्यम से ऊर्जा के प्रवाह को सुविधाजनक बनाकर पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है गाय, बकरी, खरगोश, हिरण, तितलियाँ, टिड्डे प्राथमिक उपभोक्ता के उदाहरण है।
B. प्राथमिक उपभोक्ता जिन्हें शाकाहारी (या सर्वाहारी) भी कहा जाता है, ऐसे जीव है जो खाद्य शृंखला के भीतर दूसरे पोषी स्तर पर रहते हैं। उनकी ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत उपभोग करने वाले उत्पादकों से आता है, जो पौधे या शैवाल जैसे स्वपोषी जीव हैं। प्राथमिक उपभोक्ता खाद्य शृखंला के माध्यम से ऊर्जा के प्रवाह को सुविधाजनक बनाकर पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है गाय, बकरी, खरगोश, हिरण, तितलियाँ, टिड्डे प्राथमिक उपभोक्ता के उदाहरण है।
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Explanations:

प्राथमिक उपभोक्ता जिन्हें शाकाहारी (या सर्वाहारी) भी कहा जाता है, ऐसे जीव है जो खाद्य शृंखला के भीतर दूसरे पोषी स्तर पर रहते हैं। उनकी ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत उपभोग करने वाले उत्पादकों से आता है, जो पौधे या शैवाल जैसे स्वपोषी जीव हैं। प्राथमिक उपभोक्ता खाद्य शृखंला के माध्यम से ऊर्जा के प्रवाह को सुविधाजनक बनाकर पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है गाय, बकरी, खरगोश, हिरण, तितलियाँ, टिड्डे प्राथमिक उपभोक्ता के उदाहरण है।
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