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Q: वक्रोक्ति के विरोधी आचार्य है
  • A. भामह
  • B. रुद्रट
  • C. मम्मट
  • D. विश्वनाथ
Correct Answer: Option D - व्याख्या- वक्रोक्ति विरोधी आचार्य विश्वनाथ है। विश्वनाथ ने कुन्तक के सिद्धांतों का खण्डन किया है। विश्वनाथ द्वारा रचित ग्रंथ साहित्य दर्पण है। जबकि भामह ने ‘काव्यालंकार’ तथा रुद्रट ने ‘काव्यालंकार’ तथा मम्मट ने काव्य प्रकाश नामक ग्रंथ की रचना की है।
D. व्याख्या- वक्रोक्ति विरोधी आचार्य विश्वनाथ है। विश्वनाथ ने कुन्तक के सिद्धांतों का खण्डन किया है। विश्वनाथ द्वारा रचित ग्रंथ साहित्य दर्पण है। जबकि भामह ने ‘काव्यालंकार’ तथा रुद्रट ने ‘काव्यालंकार’ तथा मम्मट ने काव्य प्रकाश नामक ग्रंथ की रचना की है।

Explanations:

व्याख्या- वक्रोक्ति विरोधी आचार्य विश्वनाथ है। विश्वनाथ ने कुन्तक के सिद्धांतों का खण्डन किया है। विश्वनाथ द्वारा रचित ग्रंथ साहित्य दर्पण है। जबकि भामह ने ‘काव्यालंकार’ तथा रुद्रट ने ‘काव्यालंकार’ तथा मम्मट ने काव्य प्रकाश नामक ग्रंथ की रचना की है।