Correct Answer:
Option B - प्राथमिक उपभोक्ता सीधे पौधों पर निर्भर करते हैं। इन्हें शाकाहारी के रूप में भी जाना जाता है। जैसे-टिड्डे, तोता, भेड़ बकरी, खरगोश, गधा आदि।
इन शाकाहारियों पर निर्भर रहने वाले उपभोक्ताओं को माँसाहारी। द्वितीयक उपभोक्ता कहा जाता है। जैसे लोमड़ी, तालाब में कीड़ें तथा छोटी मछलियाँ आदि।
ऐसे सभी जंतु जो भोजन के लिए द्वितीयक श्रेणी के उपभोक्ताओं पर निर्भर होते हैं, उन्हें तृतीयक या शीर्ष उपभोक्ता कहते हैं। जैसे-बाज, गिद्ध, शेर, भालू आदि।
B. प्राथमिक उपभोक्ता सीधे पौधों पर निर्भर करते हैं। इन्हें शाकाहारी के रूप में भी जाना जाता है। जैसे-टिड्डे, तोता, भेड़ बकरी, खरगोश, गधा आदि।
इन शाकाहारियों पर निर्भर रहने वाले उपभोक्ताओं को माँसाहारी। द्वितीयक उपभोक्ता कहा जाता है। जैसे लोमड़ी, तालाब में कीड़ें तथा छोटी मछलियाँ आदि।
ऐसे सभी जंतु जो भोजन के लिए द्वितीयक श्रेणी के उपभोक्ताओं पर निर्भर होते हैं, उन्हें तृतीयक या शीर्ष उपभोक्ता कहते हैं। जैसे-बाज, गिद्ध, शेर, भालू आदि।