Correct Answer:
Option D - भारतीय वन अधिनियम 1878 द्वारा भारतीय वनों को तीन श्रेणियों (आरक्षित, संरक्षित एवं ग्रामीण वन) में विभाजित किया गया था। इस अधिनियम ने प्रशासन को आरक्षित और संरक्षित वनों का सीमांकन करने में भी सक्षम बनाया। इसने वनोपज के संग्रहण को विनियमित करने का प्रयास किया तथा वनों पर राज्य का नियंत्रण स्थापित करने के लिये कुछ दण्ड का प्रावधान किया गया।
D. भारतीय वन अधिनियम 1878 द्वारा भारतीय वनों को तीन श्रेणियों (आरक्षित, संरक्षित एवं ग्रामीण वन) में विभाजित किया गया था। इस अधिनियम ने प्रशासन को आरक्षित और संरक्षित वनों का सीमांकन करने में भी सक्षम बनाया। इसने वनोपज के संग्रहण को विनियमित करने का प्रयास किया तथा वनों पर राज्य का नियंत्रण स्थापित करने के लिये कुछ दण्ड का प्रावधान किया गया।