Correct Answer:
Option B - विष्णु प्रभाकर के अनुसार, गाँधी जी के आदेश पर महादेव देसाई ने शरतचन्द्र की विराजबहू, राम की सुमति, मंझली दीदी रचनाओं का गुजराती में अनुवाद किया था।
B. विष्णु प्रभाकर के अनुसार, गाँधी जी के आदेश पर महादेव देसाई ने शरतचन्द्र की विराजबहू, राम की सुमति, मंझली दीदी रचनाओं का गुजराती में अनुवाद किया था।