Correct Answer:
Option B - ‘मीनामाता रोग’ ऐसी मछली खाने से होता है, जिसमें अधिक मात्रा में पारा (Hg) पाया जाता है। इन मछलियों को खाने से लगभग तीन हजार लोग प्रभावित हुए, जिनमें हाथ, पैर, मुँह सुन्न होना, संवेदन में गड़बड़ी, हाथ-पैर की गति में समन्वय का अभाव व फालिज जैसे लक्षण दिखाई दिए। बहुत से लोगों की इस बीमारी से मृत्यु भी हो गई। यह बीमारी पहली बार जापान के मीनामाता खाड़ी के आस-पास रहने वालों में देखी गई, इस कारण इसे ‘मीनामाता रोग’ कहा जाने लगा।
B. ‘मीनामाता रोग’ ऐसी मछली खाने से होता है, जिसमें अधिक मात्रा में पारा (Hg) पाया जाता है। इन मछलियों को खाने से लगभग तीन हजार लोग प्रभावित हुए, जिनमें हाथ, पैर, मुँह सुन्न होना, संवेदन में गड़बड़ी, हाथ-पैर की गति में समन्वय का अभाव व फालिज जैसे लक्षण दिखाई दिए। बहुत से लोगों की इस बीमारी से मृत्यु भी हो गई। यह बीमारी पहली बार जापान के मीनामाता खाड़ी के आस-पास रहने वालों में देखी गई, इस कारण इसे ‘मीनामाता रोग’ कहा जाने लगा।