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  • A. दोनों ऊर्जा का प्रवाह एवं खनिजों का चक्रण
  • B. केवल ऊर्जा का प्रवाह
  • C. केवल खनिजों का चक्रण
  • D. केवल जैविक घटक का प्रवाह
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - ऊर्जा का प्रवाह एवं खनिजों का चक्रण दोनों पारिस्थितिकी तंत्र के लिये सही है। पारिस्थितिक तंत्र पारिस्थितिक समुदाय की एक इकाई है, जो जैविक, भौतिक तथा रासायनिक घटकों से निर्मित होती है। ऊर्जा पारितंत्र में सौर विकिरण के रूप में प्रवेश करती है और उत्पादकों द्वारा खाद्य में परिवर्तित होती है। उत्पादकों से यह रासायनिक ऊर्जा खाद्य शृंखला के विभिन्न पोषण स्तरों में पहुँचती है। विभिन्न पोषण स्तरों पर खाद्य शृंखला में ऊर्जा का स्थानान्तरण ऊर्जा का प्रवाह कहलाता है।
A. ऊर्जा का प्रवाह एवं खनिजों का चक्रण दोनों पारिस्थितिकी तंत्र के लिये सही है। पारिस्थितिक तंत्र पारिस्थितिक समुदाय की एक इकाई है, जो जैविक, भौतिक तथा रासायनिक घटकों से निर्मित होती है। ऊर्जा पारितंत्र में सौर विकिरण के रूप में प्रवेश करती है और उत्पादकों द्वारा खाद्य में परिवर्तित होती है। उत्पादकों से यह रासायनिक ऊर्जा खाद्य शृंखला के विभिन्न पोषण स्तरों में पहुँचती है। विभिन्न पोषण स्तरों पर खाद्य शृंखला में ऊर्जा का स्थानान्तरण ऊर्जा का प्रवाह कहलाता है।

Explanations:

ऊर्जा का प्रवाह एवं खनिजों का चक्रण दोनों पारिस्थितिकी तंत्र के लिये सही है। पारिस्थितिक तंत्र पारिस्थितिक समुदाय की एक इकाई है, जो जैविक, भौतिक तथा रासायनिक घटकों से निर्मित होती है। ऊर्जा पारितंत्र में सौर विकिरण के रूप में प्रवेश करती है और उत्पादकों द्वारा खाद्य में परिवर्तित होती है। उत्पादकों से यह रासायनिक ऊर्जा खाद्य शृंखला के विभिन्न पोषण स्तरों में पहुँचती है। विभिन्न पोषण स्तरों पर खाद्य शृंखला में ऊर्जा का स्थानान्तरण ऊर्जा का प्रवाह कहलाता है।