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Q: .
  • A. जीवाणु
  • B. विषाणु
  • C. परजीवी प्रोटोजोआ
  • D. फफूंद
Correct Answer: Option B - जापानी इन्सेफेलाइटिस का कारक विषाणु होता है। यह क्यूलेक्स प्रजाति के मच्छर से फैलता है। इस रोग का उद्गम जापान में हुआ। इस विषाणु का संक्रमण मच्छर के काटने से होता है लेकिन सुअर को भी इस रोग का वाहक माना जाता है। क्यूलेक्स प्रजाति का मच्छर धान के खेतों में पनपता है। इस कारण धान वाले क्षेत्रों में हर वर्ष सैकड़ों बच्चे इस रोग की चपेट में आकर अपनी जान गवाँ बैठते हैं।
B. जापानी इन्सेफेलाइटिस का कारक विषाणु होता है। यह क्यूलेक्स प्रजाति के मच्छर से फैलता है। इस रोग का उद्गम जापान में हुआ। इस विषाणु का संक्रमण मच्छर के काटने से होता है लेकिन सुअर को भी इस रोग का वाहक माना जाता है। क्यूलेक्स प्रजाति का मच्छर धान के खेतों में पनपता है। इस कारण धान वाले क्षेत्रों में हर वर्ष सैकड़ों बच्चे इस रोग की चपेट में आकर अपनी जान गवाँ बैठते हैं।

Explanations:

जापानी इन्सेफेलाइटिस का कारक विषाणु होता है। यह क्यूलेक्स प्रजाति के मच्छर से फैलता है। इस रोग का उद्गम जापान में हुआ। इस विषाणु का संक्रमण मच्छर के काटने से होता है लेकिन सुअर को भी इस रोग का वाहक माना जाता है। क्यूलेक्स प्रजाति का मच्छर धान के खेतों में पनपता है। इस कारण धान वाले क्षेत्रों में हर वर्ष सैकड़ों बच्चे इस रोग की चपेट में आकर अपनी जान गवाँ बैठते हैं।