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Q: .
  • A. राजा राममोहन राय
  • B. दयानंद सरस्वती
  • C. विवेकानंद
  • D. रामकृष्ण परमहंस
Correct Answer: Option B - ‘वेदो की ओर लौटो’ या ‘वेदों की ओर वापस जाओ’ का नारा स्वामी दयानंद सरस्वती ने दिया था। स्वामी दयानंद सरस्वती (1824-83ई.) के बचपन का नाम मूल शंकर था। उनका जन्म गुजरात के मौरवी रियासत के निवासी के एक ब्राह्मण कुल में हुआ था। स्वामी विरजानंद से उन्होंने वेदों के शुद्ध अर्थ तथा वैदिक धर्म के प्रति अगाध श्रद्धा प्राप्त की। वैदिक धर्म को शुद्ध रूप से पुन: स्थापित करने के उद्देश्य से 1875 ई० में स्वामी दयानंद सरस्वती ने बंबई में ‘आर्य समाज’ की स्थापना की।
B. ‘वेदो की ओर लौटो’ या ‘वेदों की ओर वापस जाओ’ का नारा स्वामी दयानंद सरस्वती ने दिया था। स्वामी दयानंद सरस्वती (1824-83ई.) के बचपन का नाम मूल शंकर था। उनका जन्म गुजरात के मौरवी रियासत के निवासी के एक ब्राह्मण कुल में हुआ था। स्वामी विरजानंद से उन्होंने वेदों के शुद्ध अर्थ तथा वैदिक धर्म के प्रति अगाध श्रद्धा प्राप्त की। वैदिक धर्म को शुद्ध रूप से पुन: स्थापित करने के उद्देश्य से 1875 ई० में स्वामी दयानंद सरस्वती ने बंबई में ‘आर्य समाज’ की स्थापना की।

Explanations:

‘वेदो की ओर लौटो’ या ‘वेदों की ओर वापस जाओ’ का नारा स्वामी दयानंद सरस्वती ने दिया था। स्वामी दयानंद सरस्वती (1824-83ई.) के बचपन का नाम मूल शंकर था। उनका जन्म गुजरात के मौरवी रियासत के निवासी के एक ब्राह्मण कुल में हुआ था। स्वामी विरजानंद से उन्होंने वेदों के शुद्ध अर्थ तथा वैदिक धर्म के प्रति अगाध श्रद्धा प्राप्त की। वैदिक धर्म को शुद्ध रूप से पुन: स्थापित करने के उद्देश्य से 1875 ई० में स्वामी दयानंद सरस्वती ने बंबई में ‘आर्य समाज’ की स्थापना की।