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  • A. शतपथ ब्राह्मण से
  • B. ईशोपनिषद से
  • C. मुंडकोपनिषद् से
  • D. महाभारत से
Correct Answer: Option C - ‘सत्यमेव जयते’ मुण्डकोपनिषद् से लिया गया है। इसी उपनिषद में यज्ञ की तुलना टूटी नाव से की गई है। मुण्डकोपनिषद्, अथर्ववेद से संबंधित है। ‘सत्यमेव जयते’ भारत का आदर्श वाक्य है। सत्यमेव जयते, उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सारनाथ में मौर्य सम्राट अशोक द्वारा बनाये गये सिंह स्तम्भ के शिखर पर अंकित है। इसका अर्थ है– ‘सत्य की सदैव विजय’ होती है।
C. ‘सत्यमेव जयते’ मुण्डकोपनिषद् से लिया गया है। इसी उपनिषद में यज्ञ की तुलना टूटी नाव से की गई है। मुण्डकोपनिषद्, अथर्ववेद से संबंधित है। ‘सत्यमेव जयते’ भारत का आदर्श वाक्य है। सत्यमेव जयते, उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सारनाथ में मौर्य सम्राट अशोक द्वारा बनाये गये सिंह स्तम्भ के शिखर पर अंकित है। इसका अर्थ है– ‘सत्य की सदैव विजय’ होती है।

Explanations:

‘सत्यमेव जयते’ मुण्डकोपनिषद् से लिया गया है। इसी उपनिषद में यज्ञ की तुलना टूटी नाव से की गई है। मुण्डकोपनिषद्, अथर्ववेद से संबंधित है। ‘सत्यमेव जयते’ भारत का आदर्श वाक्य है। सत्यमेव जयते, उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सारनाथ में मौर्य सम्राट अशोक द्वारा बनाये गये सिंह स्तम्भ के शिखर पर अंकित है। इसका अर्थ है– ‘सत्य की सदैव विजय’ होती है।