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Q: .
  • A. आलोचनात्मक चिंतन ओर समस्या-समाधान के लिए क्षमता -संवर्धन करने
  • B. बच्चे की अस्मिता (व्यक्तित्व) का पोषण करने
  • C. वास्तविक अवलोकन के स्थान पर पाठ्य-पुस्तकीय ज्ञान की श्रेष्ठता को स्वीकार करने
  • D. पाठ्य-वस्तुओं और संदर्भो की बहुलता को बढ़ावा देने
Correct Answer: Option C - पर्यावरण अध्ययन के शिक्षा शास्त्र में बालकों को पाठ्य पुस्तकों से सम्बन्धित वास्वविक घटनाओं का ज्ञान कराया जाता है जिससे छात्रों में आलोचनात्मक चिंतन तथा समस्या समाधान (Problem solving) की क्षमता में वृद्धि हो सके तथा बालक पर्यावरण अध्ययन को अन्य विषयों के साथ सह संबंध स्थापित करने में कठिनाई का सामना न कर सके।
C. पर्यावरण अध्ययन के शिक्षा शास्त्र में बालकों को पाठ्य पुस्तकों से सम्बन्धित वास्वविक घटनाओं का ज्ञान कराया जाता है जिससे छात्रों में आलोचनात्मक चिंतन तथा समस्या समाधान (Problem solving) की क्षमता में वृद्धि हो सके तथा बालक पर्यावरण अध्ययन को अन्य विषयों के साथ सह संबंध स्थापित करने में कठिनाई का सामना न कर सके।

Explanations:

पर्यावरण अध्ययन के शिक्षा शास्त्र में बालकों को पाठ्य पुस्तकों से सम्बन्धित वास्वविक घटनाओं का ज्ञान कराया जाता है जिससे छात्रों में आलोचनात्मक चिंतन तथा समस्या समाधान (Problem solving) की क्षमता में वृद्धि हो सके तथा बालक पर्यावरण अध्ययन को अन्य विषयों के साथ सह संबंध स्थापित करने में कठिनाई का सामना न कर सके।