search
Q: .
  • A. स्वर संधि
  • B. व्यंजन संधि
  • C. वृद्धि संधि
  • D. गुण संधि
Correct Answer: Option B - विपत् + जाल = विपज्जाल में ‘व्यंजन संधि’ है। व्यंजन का स्वर या व्यंजन के साथ मेल होने पर जो परिवर्तन होता है, उसे व्यंजन संधि कहते हैं। क्, च् , ट्, त् , प् के बाद किसी वर्ण का तृतीय या चतुर्थ वर्ण आए अथवा य, र, ल, व या कोई स्वर आए तो क् , च् , ट् , त् , प् की जगह अपने ही वर्ग का तीसरा वर्ण हो जाता है। उदाहरण- दिक् + गज = दिग्गज। जगत् + ईश = जगदीश।
B. विपत् + जाल = विपज्जाल में ‘व्यंजन संधि’ है। व्यंजन का स्वर या व्यंजन के साथ मेल होने पर जो परिवर्तन होता है, उसे व्यंजन संधि कहते हैं। क्, च् , ट्, त् , प् के बाद किसी वर्ण का तृतीय या चतुर्थ वर्ण आए अथवा य, र, ल, व या कोई स्वर आए तो क् , च् , ट् , त् , प् की जगह अपने ही वर्ग का तीसरा वर्ण हो जाता है। उदाहरण- दिक् + गज = दिग्गज। जगत् + ईश = जगदीश।

Explanations:

विपत् + जाल = विपज्जाल में ‘व्यंजन संधि’ है। व्यंजन का स्वर या व्यंजन के साथ मेल होने पर जो परिवर्तन होता है, उसे व्यंजन संधि कहते हैं। क्, च् , ट्, त् , प् के बाद किसी वर्ण का तृतीय या चतुर्थ वर्ण आए अथवा य, र, ल, व या कोई स्वर आए तो क् , च् , ट् , त् , प् की जगह अपने ही वर्ग का तीसरा वर्ण हो जाता है। उदाहरण- दिक् + गज = दिग्गज। जगत् + ईश = जगदीश।